ग्वालियर व्यापार मेला को लेकर मेला प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक सम्पन्न | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर व्यापार मेला को लेकर मेला प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक सम्पन्न | New India Times

ग्वालियर का ऐतिहासिक व्यापार मेला इस वर्ष भी पूर्ण भव्यता के साथ आयोजित होगा और मेले में सैलानियों के आकर्षण के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजन भी किए जायेंगे। मेला प्राधिकरण सैलानियों की सुरक्षा के लिए इस वर्ष मेले में 160 सीसीटीवी कैमरे स्थापित करेगा जिसकी मॉनीटरिंग निरंतर की जायेगी। मेले में ठेले और जमीन पर रखकर छोटा व्यवसाय करने वालों के लिए अलग से स्थान बनाया जायेगा।
ग्वालियर व्यापार मेले के आयोजन के संबंध में सोमवार को संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं मेला प्राधिकरण के पदाधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्रशांत गंगवाल, कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी, पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रवीण अग्रवाल, एडीएम श्री टी एन सिंह, मेला प्राधिकरण के संचालक सर्वश्री शील खत्री, सुधीर मंडेलिया, नवीन परांडे, महमूद भाई चैनवाले सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने कहा कि ग्वालियर का ऐतिहासिक मेला न केवल प्रदेश में बल्कि देश भर में विख्यात है। मेला अवधि में बड़ी संख्या में सैलानी मेले में आते हैं। मेले में आने वाले सैलानियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इस बात का विशेष ध्यान‍ रखा जाए। इसके साथ ही देश भर से मेले में व्यवसाय करने आने वाले व्यापारियो को भी हर प्रकार की सुविधाएं प्राधिकरण की ओर से मिलें, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेले में अग्नि सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं।
कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने कहा कि मेला अवधि में जिला प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सुविधाएं और सहयोग प्रदान किया जायेगा। जिला प्रशासन की ओर से एडीएम श्री टी एन सिंह प्रभारी अधिकारी रहेंगे। कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में मातायें, बहनें आती हैं, उनके लिए प्राधिकरण विशेष व्यवस्थायें सुनिश्चित करें। माताओं को अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए भी मेले में तीन-चार केन्द्र स्थापित किए जाएं। मेले में बच्चों के गुम होने की सूचनाएं भी मिलती हैं, इनके लिये भी कंट्रोल रूम गठित कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

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