अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

झांसी शहर में दबंगों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से एक वकील परिवार पर हमला कर कई लोगों को घायल करने का मामला प्रकाश में आया। यहां पुलिस पर मामले को दबाने के लिए दबंगों के साथ पीड़ितों को भी आरोपी बनाने और केस को हलका करने का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार झाँसी गुदरी मोहोल्ला में सूजे खां की खिड़की के समीप कुछ दबंगों ने किसी बात को लेकर एडवोकेट नरेंद्र कुमार बाल किशन गौतम, मनोज गौतम, संजय गौतम, अमित गौतम, सुमित गौतम एवं महिलाओं में मोती कुँवर 50 वर्ष, राखी उम्र 27 वर्ष, प्रीती गौतम उम्र 26 वर्ष, आरधना गैतम उम्र 32 के अलावा कुछ अन्य महिला एवं पुरुष पर जानलेवा हमला कई लोगों को गम्भीर रूप से घायल कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा, उनके साथ अभद्र व्यवहार के साथ ही उनके साथ भी मारपीट की गई जिसमें कई लड़कियां एवं महिलाएं घायल हो गई हैं। वहीं एडवोकेट नरेंद्र कुमार के सिर पर दबंगों धार दार हथियार से हमला किया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं वहीं हमले में घायल उनके भाई मनोज गौतम की हालत नाजुक बनी हुई है जिन्हें झाँसी ज़िला चिकित्सालय के इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में गम्भीर हालत में भर्ती कराया गया है। मनोज गौतम के सिर पर भी धारदार हथियार से हमला किया गया था। दोनों पीड़ितों की हालात नाज़ुक बनी हुई है। वहीं पीडितों ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने महिलाओं के साथ मारपीट कर उनके ज़ेवर भी छीन लिया है। पीड़ितों ने एनआईटी संवाददाता को बताया कि महादेवी का सोने का मंगलसूत्र, बीजा सिंह के सोने के कान के फूल, मोती कुंवर का सोने का मंगलसूत्र, राखी का सोने का मंगलसूत्र, रूपा का एक मंगलसूत्र, शिवानी गौतम की एक टॉप्स सेट सोने का, आशी गौतम की कान की सोने की बाली, प्रीति के सोने का मंगलसूत्र, कुसुम का सोने का मंगलसूत्र कान के टॉप्स छीने गए हैं।

झाँसी पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। वही पुलिस ने आश्वाशन दिया है पीड़ित पक्षों को पूर्ण रुप से न्याय किया जाएगा। वकील पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने धारा 147, 354, 352, 323 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पीड़ित पक्षों में से बंटी गौतम उर्फ़ संजय, चंद्रशेखर, कमल और हमलावर पक्ष में से जगदीश पुत्र हरदास, अतीत पुत्र लक्षमन, मनोज पुत्र जगदीश धन्नु को गिरफ्तार किया है।
वकील परिवार का आरोप है कि पुलिस ने दबाव में आकर मामले को रफा-दफा करने के लिए हमारी शिकायत के मुताबिक एफआईआर दर्ज नहीं की है और दबंगों के साथ हम पीड़ितों को भी आरोपी बना दी है और हमारे केस को काफी हलका कर दिया है।
