कासिम खलील, बुलढाणा ( महाराष्ट्र ), NIT; ‘इटली’ के दम्पती ने लिया बुलढाणा के शिशु गृह की ‘शलाका’ को गोद | New India Times​भविष्य में मां बाप का प्यार मिलेगा भी या नहीं या पूरा बचपन शिशु गृह में ही गुजारना पडेगा? कहते हैं कि किस्मत कब करवट बदल दे कुछ कहा नहीं जा सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ है 6 साल की ‘शलाका’ के साथ। उसे मां – बाप मिल गए हैं,  वह भी ‘इटली’ के, जी हां,  ‘शलाका’ के लिए ‘इरिको पितारेलो’ और ‘मोरया दालफारा’ फरिश्ते  बनकर बुलढाणा पहुंचे हैं, जो अपने साथ ‘शलाका’ को अपनी बेटी बनाकर इटली ले जानेवाले हैं। इस की जानकारी आज बुलढाणा में आयोजित पत्रकार परिषद में ममता शिशु गृह के संचालक सुमीत सरदार ने दी है।‘इटली’ के दम्पती ने लिया बुलढाणा के शिशु गृह की ‘शलाका’ को गोद | New India Times​ पत्रकार परिषद में सरदार ने बताया कि, केंद्र सरकार की केंद्रीय दत्तक ग्रहण संस्था  ‘कारा’ के मार्गदर्शन व सूचना अनुसार अनाथ, बेसहारा बच्चों को उन परिवार को सौंपा जाता है जिन्हें संतान नहीं होती है। उनके ममता शिशु गृह की 6 वर्षिय बालिका  ‘शलाका’ को इटली के एक दम्पति ने ‘कारा’ की वेबसाइट पर देखने के बाद गोद लेने का फैसला लिया और तमाम जरुरी दस्तावेजी कारवाई करने के बाद यह दम्पती महाराष्ट्र के बुलढाणा पहुंचे और  ‘शलाका’ को गोद ले लिया। यह दम्पती  ‘इरिको पितारेलो’ व श्रीमती ‘मोरया दालफारा’ इटली के मशहुर शहर विनिस से 100 किमी दुरी पर स्थित बेलुनो में रहते हैं, जहां पर उनका कॉफी बनाने की मशीन बेचने का कारोबार है। ‘शलाका’ को लेकर यह दम्पति काफी खुश दिखाई दे रहा है।

  • 10 साल पहले ‘स्नेहा’ को भी अपनाया

 इटली  के इस दम्पति को डॉक्टर ने बताया था कि, उन्हें औलाद नहीं होगी इसलिए उन्होंने बच्चा गोद लेने का निर्णय लेने के बाद आज से 10 साल पहले पुणे के एक शिशु गृह से ‘स्नेहा’ नामी बच्ची को गोद लिया था तब ‘स्नेहा’ केवल ढाई साल की थी, आज उनके साथ स्नेहा भी मौजुद  थी। ‘स्नेहा’ को सिर्फ इटली की भाषा ही बोलना आती है। स्नेहा के बाद अब इस दम्पति ने  ‘शलाका’ को भी अपनाया है।

  • बेलुनो में 10 भारतीय बच्चे लिए गए गोद

 इटली के विनिस इस मशहुर शहर से 100 किमी दुरी पर बेलुनो शहर है। इसी शहर के निवासी इरिको पितारेलो दम्पति ने पहले पुणे से और अब बुलढाणा से  ऐसे दो लडकियों को गोद लिया है। इस बेलुनों शहर के बारे में इस दम्पति ने बताया कि, करीबन 10 भारतीय बच्चों को अब तक शहर के अन्य लोगों भी गोद लिया है और सभी बच्चे हंसी खुशी अपना जीवन गुजार रहे है।

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