विद्युत वितरण कम्पनी ने नागरिकों से की अपील, बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे अथवा उससे सटाकर न लगाएं दुकान और ना ही बिजली लाइनों के नीचे एवं उसके आसपास न चलाएं पटाखे | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

विद्युत वितरण कम्पनी ने नागरिकों से की अपील, बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे अथवा उससे सटाकर न लगाएं दुकान और ना ही बिजली लाइनों के नीचे एवं उसके आसपास न चलाएं पटाखे | New India Times

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वह दीप पर्व पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियाँ रखकर सुरक्षित दीपावली मनाएँ। कम्पनी ने सभी पटाखा व्यवसायियों से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे अथवा उससे सटाकर दुकान न लगाएँ क्योंकि इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है और छोटी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। कम्पनी ने नागरिकों ने अनुरोध किया कि वे बिजली लाइनों के नीचे और आसपास पटाखे और आतिशबाजी न चलाएं।

कम्पनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर प्रकाशीय साज-सज्जा के लिये उपभोक्ता अपने परिसर में विद्यमान बिजली कनेक्शन से स्वीकृत भार के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त भार की वृद्धि एवं सीधे तार डालकर विद्युत चोरी नहीं करें। बिजली चोरी अथवा बिना स्वीकृति के संयोजित भार में वृद्धि अवैधानिक है और इसके लिए बिजली अधिनियम 2003 में जुर्माने का प्रावधान है।

कम्पनी ने मिठाई, मूर्तियाँ, साज-सज्जा, बर्तन व्यापारी, पटाखों की दुकानें एवं दीपावली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिये लगाए जाने वाली अस्थाई दुकानों में प्रकाश व्यवस्था के लिये व्यापारी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। कम्पनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर अस्थाई दुकानों की स्थापना, बिजली ट्रांसफार्मरों एवं बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाकर ही स्थापित करें ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

कम्पनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से कहा है कि वैधानिक कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। कम्पनी ने मैदानी अमले और सतर्कता विंग को सघन जांच अभियान चलाकर बिजली चोरी के मामले पकड़ने तथा भार वृद्धि अथवा स्वीकृत प्रयोजन के स्थान पर अन्य किसी प्रयोजन के लिए विद्युत उपभोग पकड़े जाने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही करने कहा है।

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