नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
21 अक्तूबर को होने जा रहे महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए आम चुनावों का आधिकारिक प्रचार अभियान 19 अक्तूबर कि शाम थम गया है। इसी बीच 18 अक्टूबर को ही कुछ मराठी न्यूज चैनल्स पर विभिन्न एजेन्सियों द्वारा करवाए गए एक्जिट पोल्स के रुझान स्क्रिन फ्लैश करवा दिए जो मतदान होने के पहले ही सत्तापक्ष के पक्ष मे किया गया साफसुथरा प्रयोग है, इस हरकत पर निर्वाचन आयोग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। अब जब आधिकारिक चुनाव प्रचार अभियान खत्म हो चुका है तो सोशल मीडीया ने प्रचार के नाम पर समाज में प्रोपेगैंडा फ़ैलाने का मोर्चा संभाल लिया है जिसमें उत्तर भारत में चल रहे आपराधिक गतिविधियों के हवाले से कट्टर पंथी सोच को हवा देकर मतदाताओं का माइंड सेट या अपसेट करने जैसा मुहिम चलाया जा रहा है। इस पर निगरानी रखने वाली प्रशासन की साइबर सेल और तमाम विंग्ज खामोश हैं, न किसी की शिकायत और ना ही प्रशासन की ओर से किसी प्रकार कि प्रतिबंधक कार्रवाई, सब कुछ आल इज वेल जैसा चल रहा है। सभी 288 सीटों पर भाजपा-शिवसेना महायुती के खिलाफ़ कांग्रेस-राष्ट्रवादी महागठबंधन ऐसा संघर्ष है जिसमें महायुती ने स्थानीय समस्याओं को दरकिनार करते हुए अनुच्छेद 370 को लेकर जनता में राष्ट्रवाद की अलख जगाने की मशक्कत की है। वहीं महागठबंधन की ओर से एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने कल खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगते हुए सातारा की आखिरी प्रचारसभा में फ़डणवीस सरकार की नाकामी, किसानों की आत्महत्याएं और बेरोजगारी जैसे जमीनी समस्याओं पर डटकर बात रखी और लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कांग्रेसियों की जामनेर पैटर्न वाली मेगाभरती के कारण महायुती के सामने अपने ही बागियों ने बड़ा संकट पैदा कर दिया है। इन बागियों को पार्टी के अंदर से ही बल दिए जाने कि बात साफ़ तौर पर कही जा रही है। जलगांव जिले की सभी 11 सीटों का हाल इससे अलग नहीं है। सोशल मीडिया के मुताबीक कुछ सीटों पर बागियों को रंगेहाथ पैसा बांटते हुए पकड़ने की खबरें भी सत्यापित हो रही है। जलगांव की सभी 11 सीटों पर कांटे की टक्कर नजर आ रही है। भाजपा के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे की बेटी भाजपा प्रत्याशी रोहिणी खडसे के खिलाफ़ शिवसेना के बागी निर्दलिय उम्मीदवार चंद्रकांत पाटील को समर्थन देकर महागठबंधन द्वारा चली गयी चाल से जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन के जामनेर सीट पर भी मुकाबला अब कड़ा हो गया है, यहाँ भाजपा के प्रत्याशी गिरीश महाजन को एनसीपी के संजय गरुड ने कड़ी चुनौती दी है।
जामनेर सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए महाजन ने शहर को छोड़कर गांव, कस्बों पर प्रचार का फ़ोकस किया है, वहीं संजय गरुड ने सरकार विरोधी लहर और महाजन की विकास विहिन कार्यशैली को लेकर अपने आक्रामक तेवर से प्रबोधन के सहारे जनता का ध्यान केंद्रित किया है। इस दौरान आखिरी चरण में भाजपा और एनसीपी में दाखिल होने वालों की संख्या बल वाला फ़ार्मूला चरम पर है।
जामनेर तहसील में कुल 315 बुथ के लिए प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं इसी बीच एनसीपी ने मतगणना केंद्र परीपेक्ष मे मोबाईल जैमर कि मांग करते हुए निवेदन सौंपा है। बीते 2 दिनों से जिले में हो रही झमाझम बारिश ने किसानो की परेशानी ज्यादा बढा दी है। अगर बारिश इसी तरह लगातार जारी रही तो उसका परीणाम 21 को होने वाले वोटिंग पर साफ़ साफ़ दिखायी पडेगा !
