नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनूच्छेद 370 को रद्द किए जाने के फ़ैसले का हम स्वागत करते हैं लेकिन सरकार में अगर हिम्मत है तो पूर्वोत्तर राज्यों के लिए संविधान में अंतर्भुत अनूच्छेद 371 को हटाकर दिखा दे, ऐसी चुनौती एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने मोदी सरकार को दी है।
जामनेर विधानसभा सीट के लिए संयुक्त पुरोगामी महागठबंधन के प्रत्याशी संजय गरुड के प्रचार के लिए आयोजित जनसभा में बोलते हुए पवार ने केंद्र की मोदी और राज्य कि फडणवीस सरकार पर जमकर निशाना साधा। पवार ने कहा कि 370 की आड़ में मोदी सरकार अपनी नाकामी को छिपा नहीं सकती, केंद्र और राज्य सरकार को सत्ता का घमंड हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा पर कटाक्ष करते पवार ने कहा कि मैंने महाराष्ट्र के लिए क्या किया यह पूछने वालों को यह पता होना चाहिए कि कृषि क्षेत्र में दिए योगदान के बलबूते राष्ट्रपति ने मुझे पद्मविभूषण सम्मान से नवाजा है। प्रशासनिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष के नेताओं को परेशान किया जा रहा है। शिखर बैंक मामले से मेरा कोई लेनादेना नहीं है बावजुद इसके मेरे खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की नोटिस जारी की गयी है। सरकार मुझे फरार घोषित करे इससे पहले ही मैंने ED दफ्तर में जाने का फ़ैसला किया था लेकिन प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था का अनुरोध प्रस्तुत किया गया जिसका मैंने सम्मान किया। दिल्ली के सामने शीश झुकाना महाराष्ट्र को किसी हाल में मान्य नहीं है। आज प्रधानमंत्री मोदी ने जलगांव की जनसभा में इस इलाके की सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही लेकिन इस मामले में बीते पांच सालों में कुछ किया क्यों नहीं? मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण महाराष्ट्र समेत समुचे देश में कारखाने बंद होकर लाखों लोग अपनी नौकरी गंवाकर बेरोजगार हो रहे हैं। बडे पूँजीपतियों द्वारा उठाए गए कर्ज से बढे NPA के चलते बैंकों कि स्थिति चरमरा गयी है जिसे सुधारने के लिए मोदी सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपयो का निवेश किया लेकिन किसानों की कर्जमाफ़ी के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है, ऐसा तंज पवार ने सरकार पर कसा।
राज्य की फडणवीस सरकार को लताड़ते हुए पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने अगर किसानों को बीते 5 सालों में 50 हजार करोड़ रुपयों की मदद की है तो सभी किसानों की संपुर्ण कर्जमाफी क्यों नहीं हो सकी? राज्य में बीते पांच सालों में 16 हजार किसानों ने आत्महत्या क्यों की? मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज और डाॅ बाबासाहब आंबेडकर के स्मारक अब तक क्यों नहीं बन सके? मुख्यमंत्री कहते हैं कि चुनावी अखाड़े में उनके पहलवान (प्रत्याशी) तेल पेलकर उतरे हैं, अगर वाकई ऐसा है तो राज्य में प्रधानमंत्री की 10, गृहमंत्री की 20 और खुद सीएम की 100 जनसभाओं की उन्हें आवश्यकता क्यों पड़ रही है? वह इस लिए कि राज्य का यह चुनाव अब युवाओं ने अपने हाथ में ले लिया है। मंत्री गिरीश महाजन पर हमला करते पवार ने कहा कि राज्य में सत्ता द्वारा दमन के 2 केंद्र हैं जिसमें से एक यहां है सत्ता और संपत्ती के अहंकार में चूर, ऐसे सौदेबाजों का बंदोबस्त करने की अपील पवार ने मतदाताओं से की।
मंच पर अरुण गुजराथी, साहित्यिक ना धो महानोर, रविंद्र पाटील, संदीप पाटील, रंगनाथ काले समेत जलगांव जिले के सभी विधानसभा सीटों से महागठबंधन के प्रत्याशी उपस्थित रहे।
