अतिश दीपंकर, पटना ( बिहार ), NIT; 
प्राचीन विक्रमशिला को म्यूजियम पीस बनाकर रखने से काम नहीं चलेगा। ऊंचे से ऊंचा विश्वविद्यालय यहां बनना चाहिए। यह बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकार से विचार भी किया जाएगा। प्राचीन काल में तक्षशिला नालंदा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र था। यहां विदेश से लोग पढ़ने आते थे। तक्षशिला तो पाकिस्तान में चला गया लेकिन नालंदा और विक्रमशिला यहां पर हैं। विक्रमशिला में ऊंचे से ऊंचा विश्वविद्यालय बने।
प्राचीन काल में यह विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन करता था। यह बातें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज दो दिवसीय भागलपुर दौरे के दौरान प्राचीन विक्रमशिला उत्खनन स्थल के बगल में सभास्थल में लोगों से कहीं। उन्होंने लोगों को धन्यवाद भी दिया। इसके पूर्व सभा का स्वागत भाषण देते हुए संतोष दूबे ने कहा कि, यहां हमारे अतीत को पुनः लौटा दीजिए। कभी यह गौरव का केंद्र था, वह गौरव पुनः आना चाहिए। यहां पर प्राचीन विश्वविद्यालय की तरह एक बड़ा विश्व केंद्रीय विश्वविद्यालय होना चाहिए। गोंडा के सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि ,मैं आग्राह करता हूं कि भारत के धरोहरों को एवं गौरव को बचा लीजिए। उन्होंने राष्ट्रपति के आने से कहा कि यहां के लोग धन्य हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरा कार्यकाल तो दूसरे क्षेत्र का है, लेकिन जन्म क्षेत्र यहां है। पले- पढ़े यहां हैं इसलिए भी कुछ मेरा फर्ज बनता है कि यहां के लिए कुछ करुं। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राष्ट्रपति ज्ञाता हैं विक्रमशिला के और पड़ोसी भी हैं। प्रभारी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से जो भी संभव होगा वह विक्रमशिला के विकास के लिए काम करेगी, ताकि विक्रमशिला को नया आयाम मिले। भागलपुर के सांसद शैलेश कुमार बुलो मंडल ने भी संबोधन कीया। कार्यक्रम में कहल गांव के विधायक भी मौजूद थे। मंच पर बिहार के राज्यपाल भी मौजूद थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने करते हो हुए कहा कि ,यहां के लोग राष्ट्रपति के आने से काफी आभारी हैं। उन्होंने यहां की लोगों की ओर से राष्ट्रपति के आने पर उनका स्वागत एवं धन्यवाद किया है।
कार्यक्रम में ईस्टर्न बिहार ऑफ प्रेस क्लब की ओर से क्लब के अध्यक्ष राजेश सिद्धार्थ के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को विक्रमशिला पर स्मारिका भी भेंट किया। जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति ने किया। इस अवसर पर क्लब के सचिव कुमार शिवलोचन सहित कई लोग मौजूद थे।
