त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चीमाढाना में फर्जी बिलों के माध्यम से लगातार राशि आहरित की जा रही है। बिल में ना तो कहीं भी डेट डाली हुई है ना ही कोई क्रमांक है और ना ही कोई जीएसटी का नंबर अंकित है, ग्राम पंचायत में फर्जीवाड़ा चल रहा है। पंचायत में जो कार्य किया ही नहीं गया उसके बिल बना कर राशि आहरित की गई है।

कहीं-कहीं तो किसी भी कार्य में 1 लाख के कार्य को बिल में 3 या 4 लाख दर्शाकर राशि निकाली गई है लेकिन ऐसे फर्जी मामले में कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है और न जनपद पंचायत सीईओ मैडम पूजा जैन का इस ओर ध्यान जा रहा है। सीईओ मैडम स्वंय जनपद में महीने भर में कभी कभार ही नजर आती हैं, उनका तो जनपद में मन ही नही लगता है। सागर से देवरी अप डाउन के खेल में जनपद की पंचायतें खुलेआम भ्रष्टाचार करने में लगी हैं। सीईओ मेडम की मेहरबानी तो नहीं है भ्रष्टाचार करने वाले पंचायतों के सचिवों पर जो ये सचिव व सरपंच खुलेआम फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।

सुनने में आया है कि मेडम ने माध्यान भोजन का पूरा जांच निरीक्षण कार्यवाही का प्रभार स्वंय ले लिया है। मेडम जी पहले जनपद पंचायतों पर ध्यान दें फिर एमडीएम का कार्य देखें। जब आपकी मुख्य जनपद में ही ये भष्ट्राचार का खेल चल रहा है और आपके द्वारा लगाम न लगाकर चुप्पी साध ली गई है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि कहीं भ्रष्ट्राचार में आप की भी सहभागिता तो नहीं है? क्योंकि लगातार शासन की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है जिसके चलते शासकीय योजनाएं प्रभावित हो रही हैं फिर भी किसी पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
