अंधविश्वास: बारिश से राहत के लिए मेंढक-मेंढकी का करवाय गया तलाक एवं गड्ढा खोदकर गाड़ी गई मटकी फिर भी नहीं रुक रही है बारिश | New India Times

रहीम शेरानी, झाबुआ/भोपाल (मप्र), NIT:अंधविश्वास: बारिश से राहत के लिए मेंढक-मेंढकी का करवाय गया तलाक एवं गड्ढा खोदकर गाड़ी गई मटकी फिर भी नहीं रुक रही है बारिश | New India Times

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अजीबोगरीब वाकया सामने आया है।भारी बारिश से परेशान राजधानी भोपाल में लोगों ने मेंढक और मेंढकी का तलाक तक करवा दिया लेकिन फिर भी बारिश रुकने का नाम नही ले रही है।
इसी तरह झाबुआ जिले के थांदला में लगातार हो रही बारिश से बारिश का पानी लोगों के घरों व दुकानों में घुस गया है जिससे परेशान लोग इसे आफत की बारिश बता रहे हैं।

जब मध्य प्रदेश में बारिश नहीं हो रही थी तो लोगों को सूखे की आशंका सता रही थी, तो अच्छी बारिश की उम्मीद में लोगों ने टोटके कर 19 जुलाई 2019 को मेंढक और मेंढकी की शादी करवाई थी ओर फिर किसी के यहा से मिट्टी की मटकी पानी भरी चुरा कर उसे गड्ढा खोदकर गाडा गया था इस तरह के टोने टोटके किये गये थे। लोगों का मानना था कि मेंढक और मेंढकी की शादी से भगवान इंद्र प्रसन्न होंगे और प्रदेश में अच्छी बारिश होगी।

भगवान ने इनकी प्रार्थना सुन ली और मध्य प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि इंद्र देवता कुछ ज्यादा ही खुश हो गए हैं। इस बार मध्य प्रदेश में मूसलाधार और लगातार बारिश हो रही है। यहां अब इतनी बारिश हो चुकी है कि जनता हर तरफ परेशान और हैरान है। मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यही नहीं राजधानी भोपाल में तो बारिश ने करीब 13 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने के पास पहुंच गई है। भोपाल में अब तक सामान्य से 45 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। आलम यह है कि बीते 1 हफ्ते से भोपाल के दो डैम कलियासोत और भदभदा के गेट खुले हुए हैं। वहीं 3 साल बाद कोलार डैम के भी सभी गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने पिछले तीन दिनों में मध्य प्रदेश के 32 से 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
बुधवार को भी भारी बारिश के बाद भोपाल की निचली बस्तियों में पानी भर गया था। अब भारी बारिश की इस त्रासदी से बचने के लिए लोगों को एक बार फिर से भगवान याद आए। लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से मेंढक और मेंढकी का तलाक करवाया, इस दौरान बकायदा मंत्रोच्चार भी किया गया और फिर विधिवत मेंढक और मेंढकी को अलग किया गया। लोगों का मानना है कि जिस तरह से मेंढक मेंढकी की शादी के बाद प्रदेश में भारी बारिश से हाहाकार मच गया है अब इन्हें अलग करने के बाद प्रदेश के लोगों को भारी बारिश से राहत मिलेगी।

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