सरवर खान जरीवाला, भोपाल, NIT;
आईपीएस अधिकारी प्रमोद वर्मा की पत्नी निधि वर्मा कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली के साकेत कोर्ट में हाजिर नहीं हुई। कोर्ट ने उन्हें 15 जून का समय दिया है। विदित रहे कि निधि वर्मा ने अपने पति प्रमोद वर्मा पर कई आरोप लगाते हुए वाद दायर किया था। लेकिन न्यायालय ने प्रस्तुत साक्षों के आधार पर निधि को आरोपी मानते हुए वारंट जारी किया था। कोर्ट ने जिन धाराओं का उल्लेख किया है उसमें निधि वर्मा को 7 वर्ष कारावास की सजा भी हो सकती है। अदालत में हाजिर होने के बजाए निधि वर्मा के वकील ने उनके लिए समय मांगा और कहा कि वह अभी दिल्ली से बाहर हैं। हालांकि स्थानीय खबरों के मुताबिक निधि वर्मा 23 मार्च को दिल्ली में ही थीं। कोर्ट ने निधि को दोनों आवासीय पतों पर उन्हें पेश होने का वारंट भेजा था। इससे पहले निधि वर्मा की शिकायत पर मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा सबूत मांगे गए थे। लेकिन ऐसा किए बिना वह दिल्ली चली गईं और घरेलू हिंसा के नाम से साकेत कोर्ट में केस प्रस्तुत किया गया। जब कोर्ट ने प्रमोद वर्मा के जवाब का परीक्षण किया तो निधि ने अपने पति प्रमोद वर्मा की सहमति के बिना मुकदमा वापस ले लिया। उन्होंने फर्जी आधार पर शिकायत की थी। इसी मामले में उन्हें आरोपी पाया गया है।
आईपीएस प्रमोद वर्मा ने अपने जवाब में कहा था कि निधि वर्मा शराब, पार्टी एवं अपने भाईयों का पैसा खर्च करने में व्यस्त रहती हैं तथा उनके बच्चों व बुजुर्ग माता-पिता का ध्यान नहीं रखती। उनका कहना है कि निधि वर्मा झूठी एवं सनकी महिला हैं। उल्लेखनीय है कि यह मामला मध्यप्रदेश के आईपी अफसरों के बीच काफी चर्चित रहा है।
