अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सख्ती के बावजूद मप्र में स्वास्थ सेवायें सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। एक पिता अपने दस वर्षीय पुत्र का शव स्ट्रेचर न मिलने के कारण गोद में लेकर घर के लिये निकल पड़ा।हालांकि बाद में मीडियाकर्मियों के दखल से पिता को स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया।
मिली जानकारी के अनुसार विदिशा जिला के ग्राम सेमरा त्योदा निवासी रतिराम वंशकार का 10 वर्षीय पुत्र जितेंद्र मंगलवार को पेड़ से गिर गया था। जिसे गम्भीर अवस्था में भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के डाक्टरों ने पीएम की सलाह दी लेकिन पिता ने इंकार कर दिया। एम्बुलेंस तक शव ले जाने के लिये जब काफी देर तक स्ट्रेचर नहीं मिला तो पिता लाश को गोद में लेकर ही निकल पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब बच्चे को इलाज के लिये हॉस्पिटल लेकर आये थे तो उस वक़्त भी स्ट्रेचर नहीं मिला था। वह एक घंटे तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक भटकते रहे थे। अब देखना यह है कि जिस तरह 23 दिसम्बर 2016 को मुख्यमंत्री जी ने महिला की मौत के बाद चूहों द्वारा लाश को कुतरने को लेकर हमीदिया हॉस्पिटल का औचक निरक्षर कर कार्यवाही की थी क्या इस बार भी कार्यवाही करेंगे ?
