मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र) NIT:

ज़िला विधिक सेवा अधिकारी श्री राबिन दयाल ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार एवं माननीय विरेन्द्र एस पाटीदार (जिला एवं सत्र न्यायाधीश बुरहानपुर) के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय बुरहानपुर एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्था जायंट्स ग्रुप ऑफ़ बुरहानपुर के संयुक्त तत्वाधान में प्राचीन धार्मिक संस्थान मदरसा फ़ैज़ूल उलूम, हमीदपुरा बुरहानपुर में विधिक साक्षरता शिविर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान के एस बारिया, ए डी जे / सचिव जिला विधिक सेवा प्रधिकरण श्रीमान नरेन्द्र पटेल एवं जायंट्स ग्रुप ऑफ़ बुरहानपुर के अध्यक्ष महेंद्र जैन, मदरसा फ़ैज़ूल ऊलूम बुरहानपुर के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद इकराम अंसारी गब्बू सेठ, मदरसे के सदस्यगण सर्वश्री हमीद उल हक़ लालू भाई, एजाज अंसारी आदर्श लाज की उपस्थिति में किया गया।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए माननीय न्यायाधीश के एस बारिया ने कहा की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यही कार्य है कि स्कूल, काॅलेज, मदरसे, समाज एवं अन्य सभी जगहों पर जाकर विधिक की जानकारी जन जन तक पहुचाना है ताकि इस देश के प्रत्येक नागरिक को यह मालूम हो कि मेरे क्या कर्तव्य व कार्य हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुरहानपुर के माध्यम से कई एसी योजनाये भी चलाई जाती है जिनका लाभ वास्तविक पात्रधारी को प्राप्त हो, यही मूल उद्देश्य प्राधिकरण का है। इस विधिक की जानकारी को जन जन तक पहुचाने में न्यायाधीश गण सेवारत है वही पर विधिक प्राधिकरण में पेरालिगल वालेनटियरों के माध्यम से भी प्रचार प्रसार का काम व कार्य लिया जाकर वास्तविक पात्रधारीयो को लाभ पहुचाने का कार्य किया जाता है। आप सभी लोग अच्छा शिक्षण ग्रहण कर देश के लिए कोई एसा काम करे जिससे की आप के साथ साथ हम सबको गर्व हो की हम भारत देश के वासी है।
द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री नरेन्द्र पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि संविधान के मौलिक अधिकार के अंतर्गत विधि के समक्ष समता, धर्म, मूलवंश, जाती, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध, लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता, भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण और निरायुध सम्मेलन की स्वतंत्रता, संगम या संघ बनाने की स्वतंत्रता, भारत में सर्वत्र अबाध विचरण एवं किसी भाग में निवास करने या बस जाने की स्वतंत्रता और कोई वृत्ति उपजीविका, व्यापार या कारबार करने की स्वतंत्रता, एक अपराध के लिए दोहरे दंड से संरक्षण, शिक्षा का अधिकार, मानव के दुर्वयापर और बलातश्रम आदि का प्रतिषेध, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता एवं 11 मौलिक कर्त्तव्यों के बारे में विस्तार से समझाया गया साथ ही कहा की भारत देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है की वह भारत देश के संविधान का सम्मान कर उसका पालन अवश्य करे। श्री पटेल ने कहा कि व्हीकल चलाने के पूर्व हमें व्हीकल के कानूनों के बारे में पूर्ण जानकारी होना चाहिए ताकि विपरीत परिस्थियों में वह हमारे लिए व परिवार के लिए सहायक सिद्ध हो सके। बगैर लायसेंस के गाडी नही चलाना चाहिए l गाडी पर दो ही व्यक्ति बैठकर गाड़ी चलाना चाहिए। गाड़ी का बीमा अवश्य रूप से करना चाहिए एवं सबसे महत्वपूर्व बात यह है की नाबालिग को कभी भी गाड़ी चलाने को नही देना चाहिए। 18 वर्ष की उम्र पार हो जाने के पश्च्यात ही लायसेंस प्राप्त कर गाड़ी चलाना चाहिए। श्री पटेल ने कहा की पर्यावरण के दृष्टिकोण से वृक्षारोपण का कार्य हम सभी को ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए जिससे शूद्ध वातावरण का निर्माण होकर शुद्ध हवा प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम का संचालन पेरालीगल वालेनटियर महेंद्र जैन ने किया एवं मदरसा अध्यक्ष मोहम्मद इकराम अंसारी गब्बू सेठ ने उपस्थित माननीय न्यायाधीश गणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय न्यायाधीश गणों द्वारा बहुत अच्छी जानकारी मदरसे के बच्चों को दी गई है उसका पालन किया जायेगा।
