अवैध ताड़ी मामला: डंके की चोट पर ताड़ी माफिया ने कहा इंस्पेक्टर से मेरी बात हो गई है अब कोई फर्क नहीं पड़ता | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

अवैध ताड़ी मामला: डंके की चोट पर ताड़ी माफिया ने कहा इंस्पेक्टर से मेरी बात हो गई है अब कोई फर्क नहीं पड़ता | New India Times

जिले के टांडा थाना क्षेत्र में ताड़ी का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। इसे पीने के लिए सुबह से ही भीड़ जुटने लगती है जो देर रात तक जमी रहती है। क्षेत्र में खजूर के पेड़ अधिकांश सूख गए हैं लेकिन ताड़ी का कारोबार बदस्तूर जारी है। टांडा क्षेत्र के सर्किल के गांव रामपुर खेतापुर में स्थित शांति देवी के नाम पर वर्षों से ताड़ी की सरकारी दुकान चल रही है जिसमें ताड़ी पर्याप्त मात्रा में ना होने के कारण मोटी रकम कमाने के लिए अवैध नशीले पदार्थ की बिक्री के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ताड़ी बोतल में भरकर 15 से 20 रूपये प्रति बोतल बेची जा रही है।
नाम ना छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि इसको पीने से युवा पीढ़ी नशे की ओर जा रही है। वर्दीधारी और अफसरों से सांठ-गांठ कर अवैध रूप से ताड़ी बेची जाती है साथ ही ताड़ी की मात्रा कम और पीने वालों की संख्या अधिक है। संचालक ताड़ी की मात्रा बढ़ाने के लिए नशीली दवाओं और प्रतिबंधित पदार्थों को मिला देते हैं। एक शख्स ने बताया कि लखनऊ व अन्य जनपदों से ताड़ी में मिलाने वाले व्हाइट पाउडर को मंगवाया जाता है जिसके एक बार सेवन से ही पीने वाला गंभीर रूप से बीमार हो जाए। नशा अधिक होने के कारण पीने वाला ताड़ी को अच्छा समझ कर खूब पसंद करते है। ग्रामीणों के मुताबिक पूरे सीजन में अड्डी मालिक कई लाख रूपये की कमाई करते है।

मिलावटी ताड़ी पीने से कई पड़ चुके बीमार

ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार लोगों की शह से यह करोबार फल-फूल रहा है। कुछ समय पहले मिलावटी ताड़ी पीकर एक युवक की मौत हो गई थी जिस मामले को पुलिस ने रफा-दफा कर दिया। दूसरी बार जब खेतापुर सरकारी ताड़ी कि दुकान पर पुलिस ने छापेमारी की तो ड्रम में भरे हुए ताड़ी को ताड़ी माफिया ने लात मार कर जमीन पर गिरा दिया जिससे कि ताड़ी के सैंपल की जांच नहीं हो पाई। अवैध ताड़ी मामला: डंके की चोट पर ताड़ी माफिया ने कहा इंस्पेक्टर से मेरी बात हो गई है अब कोई फर्क नहीं पड़ता | New India Times

इसी अड्डे पर दर्जन से अधिक लोग बीमार हुए थे। ताड़ी पीने वालों ने बताया कि अधिक मात्रा में ताडी पीने से ऐसी स्थिति हो जाती है। मिलावटी ताड़ी पीने से आंखे लाल होना, सिर में भयंकर दर्द, पेट मे जलन, उल्टियां या दस्त होने लगते है। नशे में चूर लोगों की दुकान में से गाली गलौज करने लगते हैं।
इस सिलसिले में ताड़ी माफिया ने बताया कि जिस शख्स की मौत हुई थी वह ताड़ी पीने से नहीं हुई थी वह बीमार था दूसरी तरफ परिजनों का आरोप था कि ताड़ी पीने की ही वजह से मौत हुई है। ताड़ी माफिया ने डंके की चोट पर कहा आबकारी इंस्पेक्टर से मेरी बात हो गई है और अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
नशा करने के शौकीन ताड़ी की दुकान पर नजर आ रहे हैं इसमें ना ही पीने वालों को कोई भय है और ना ही पिलाने वालों को, कभी-कभार पुलिस के आने का थोड़ा बहुत डर भी होता है पर जब आबकारी इंस्पेक्टर ताड़ी माफिया के साथ है तो फिर डर किस बात का, खुलेआम बगैर डर भय दाढ़ी के साजो सामान के साथ दुकान लगाई जा रही है। इलाके को लोगों का कहना है कि ताड़ी बेचने वाले को पुलिस का डर नहीं है। इलाके की महिलाएं, युवतियां ताड़ी के नशें में चूर लोगों का शिकार बनती हैं। इनके घरों के पास लोग ताड़ी पीते हैं और नशें में लोग अभद्रता और हुड़दंग करते हैं। आबकारी अधिकारी से इस सिलसिले में संवाददाता ने पूछा तो उन्होंने कहां की जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जांच करवा कर आबकारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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