जगत के दर्द हरुउआ हैं दंदरौआ धाम के सखी रूप डॉ हनुमान: रामदास महाराज | New India Times

अविनाश द्विवेदी, ब्यूरो चीफ, भिंड (मप्र), NIT:

जगत के दर्द हरुउआ हैं दंदरौआ धाम के सखी रूप डॉ हनुमान: रामदास महाराज | New India Times

बुढ़वा मंगल की तैयारियों को लेकर मीडिया के सामने दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि श्री सीता-राम का दर्द हरने वाले श्री हनुमान संपूर्ण जगत का दर्द हरने का काम करते हैं, जगत के किसी भी प्राणी को किसी भी प्रकार की पीड़ा या कष्ट हो तो वह आकर दंदरौआ धाम में सखी रूप डॉक्टर हनुमान के दरबार की परिक्रमा करता है और मत्था टेकता है तो उसके सभी प्रकार के कष्टों को श्री हनुमान जी महाराज हर लेते हैं। उक्त उद्गार दंदरौआ धाम में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए धाम के महंत महामंडलेश्वर श्री रामदास महाराज ने व्यक्त किए। इस अवसर पर दंदरौआ धाम प्रबंधन के द्वारा जिले भर के पत्रकारों को महाराज श्री के कर कमलों से सम्मानित कर आशीर्वाद भी प्रदान किया गया।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री रामदास महाराज ने कहा कि आने वाली 10 सितंबर को बुढ़वा मंगल है और बुढ़वा मंगल श्री हनुमान जी महाराज को अत्यंत प्रिय दिन है जिस प्रकार से सभी वर्षभर की एकादशी का फल निर्जला एकादशी का व्रत रहने से मिलता है उसी प्रकार वर्ष भर के मंगलवार को यदि कोई श्रद्धालु डॉक्टर हनुमान के दर्शन नहीं कर पाता है तो उसका संपूर्ण फल केवल बुढ़वा मंगल के दिन श्री हनुमान जी महाराज के दर्शन मात्र करने से प्राप्त हो जाता है।
महाराज ने पत्रकारों के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा इस वर्ष बुढ़वा मंगल के दिन दंदरौआ धाम के सखी रूप डॉक्टर हनुमान के दर्शनों के लिए लगभग 10 लाख भक्तों के आने की संभावना है। धाम में सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है । जिला प्रशासन के द्वारा भी बैठक ली जा चुकी है धाम में व्यवस्थाओंं को अंजाम देने के लिए करीब ढाई हजार से अधिक शासकीय कर्मचारी और स्वयंसेवक कार्य करेंगे इस बार जिला प्रशासन के द्वारा अधिकांश सड़कों को भी दुरुस्त करवा दिया गया है जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा नहीं होगी।
महाराज श्री ने बताया कि बुढ़वा मंगल वह दिन है जिस दिन सीता जी की खोज करके श्री हनुमान जी महाराज भगवान श्री राम के पास लौटे थे और उन्होंने यह शुभ समाचार प्रभु श्री राम को सुनाया था प्रभु श्री राम ने हनुमान जी महाराज को अनपायनी भक्ति का वरदान दिया था, तभी से यह दिन हनुमान जी महाराज को अत्यंत प्रिय है और इसी दिन को बुढ़वा मंगल कहा जाता है इस दिन श्री हनुमान जी महाराज के दर्शनों का पुण्य लाभ प्राप्त करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
ज्ञात हो कि दंदरौआ धाम में देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए डॉक्टर हनुमान के दर्शन करने के लिए आते हैं और श्री हनुमान जी महाराज की ऐसी कृपा होती है की दर्शन और परिक्रमा करने मात्र से वे अपने भक्तों के सभी कष्टों का हरण कर लेते हैं।

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