मोहम्मद शहूद, मुबारकपुर/आजमगढ़ (यूपी), NIT:
नगर पालिका परिषद मुबारकपूर आज़मगढ़ जिले में बुनकरों की आबादी वाला क्षेत्र है। यहां की जनसंख्या लगभग दो लाख के करीब है। यहाँ पर 7 राष्ट्रीयकृत बैंक व एक हेड पोस्ट ऑफिस मौजूद है। प्राईमरी और डिग्री कॉलेज मिला कर लगभग 30 स्कूल कॉलेजेज, मदरसे मौजूद हैं परन्तु दुःख का विषय यह है कि इतनी बड़ी आबादी होते हुये भी ये कस्बा आधार इनरोलमेनट सेंटर से काफी दूर है। यहाँ पर कोई भी आधार कार्ड सेंटर नहीं है। समाचार पत्रों के माध्यम से, सोशल मीडिया के माध्यम से, पुलिस चौकी में होने वाली पीस कमेटी की मीटिंग हो या ज़िला प्रशासन से लगायी गयी गुहार, प्रदेश के मुखिया हो या आधार कार्ड से संबंधित उच्च अधिकारी सभी से लगाई गई गुहार मगर सब कुछ बेकार है। यहां की जनता के लिए आधार कार्ड सेंटर की गुहार लगाते लगाते थक चुका है कस्बा क्योंकि यहां पर पिछ्ले 15 माह से कोई आधार कार्ड सेंटर नहीं है। वहीँ पर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का फरमान राशन कार्ड से लेकर एडमिशन फ़ॉर्म, छात्रवृत्ति से लेकर आवास योजना का फॉर्म, शौचालय हो या परीक्षा, चाहे आय जाती निवास प्रमाण पत्र हो लोगोँ के सर का दर्द बन गये हैं और लोग दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। हज़ारों हजार की संख्या में छात्र एवं छात्राएँ जिन के आधार कार्ड में नाम की गलती, जन्म तिथि की ग़लती, पिता पति के नाम में गलती, कोई पता बदलवाने के लिए, कोई नाम सही करवाने के लिए कस्बे से 18 किलो मीटर दूर ज़िला का चक्कर काटने पर मजबूर है। पिछ्ले दिनों पोस्ट ऑफिस में एक सेंटर खोला गया था जो चंद दिनों के बाद बंद कर दिया गया परंतु वहाँ पर एक कार्य दिवस में सिर्फ 7 आधार कार्ड ही बनाया जाता था बाकी लोगों को ये कह कर वापस कर दिया जाता था कि सरकारी आदेश है हम 7 से ज़्यादा नहीं बना सकते। कस्बे वासियों ने मीडिया के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार से अपील की है कि कस्बा मुबारकपूर के सारे बैंकों व सरकारी अस्पताल में तत्काल आधार कार्ड सेंटर खुलवाया जाए ताकि कस्बे वासी इस दुविधा से निजात पा सकें।
