अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
भोपाल के अयोध्यानगर थाने मे पदस्थ प्रोबेशनरी आईपीएस धर्मराज मीणा द्वरा पत्रकार निर्मल व्यास से बत्तमीजी एवं कैमरा तोड़े जाने की घटना की विचार मध्यप्रदेश के वरिष्ठ विचारक पूर्व एडीजीपी श्री विजय बाते, पूर्व पीसीसीएफ़ आज़ाद सिंह डबास, विचारक विनायक परिहार एवं विचारक अक्षय हुंका ने कड़े शब्दों मे निंदा की है और मांग की है की मीडिया कर्मी के साथ बदसलूकी करने वाले ट्रेनी आईपीएस अधिकारी को अयोध्यानगर थाना क्षेत्र से तत्काल हटाया जाये। वरिष्ठ विचारक श्री विजय बाते ने कहा है की आईपीएस मीणा के व्यवहार से पता चलता है की पुलिस सेवा में आने वाले नए अधिकारियों को किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और समाज व मीडिया के प्रति उनका रवैया कितना असंवेदनशील है। विचार मध्यप्रदेश को लगता है की मीना ने ना केवल पत्रकारिता की आज़ादी पर हमला किया है बल्कि एक जिम्मेदार अधिकारी की सामाजिक आचार संहिता का भी उल्लंघन किया है । समाचार पत्रों मे प्रकाशित खबरों से यह भी लगता है ही इस घटना के पूर्व घटित लूट की वारदात मे संलग्न अपराधियों पर शिकंजा कसने मे भी धर्मराज मीना आसफल रहे और पीड़ित को संरक्षित करने मे भी विफल रहे है या फिर मीना की लूट मे संलग्न लोगों के प्रति सहनभूति रही है ।
विचार मध्यप्रदेश वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग करता है की ट्रेनी आईपीएस को अयोध्यानगर थाने से हटा कर अन्यत्र भेजा जाना चाहिये, साथ ही विचार मध्यप्रदेश धर्मराज मीना से भी मांग करता है की वो पत्रकारों से भी बिना शर्त माफी मांगे।
