अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:
राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनवाने के लिये मुस्लिम समुदाय द्वारा एकतरफा कांग्रेस के पक्ष मे मतदान करके भाजपा के बढते कदम को रोकते हुये 200 विधानसभा सीटों में से 100 सीट जितवाने के बावजूद सरकारी नियुक्तियों में उनको ना तीन में गिना जा रहा और ना ही तेरह में शामिल किया जा रहा है।
राजस्थान सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल कल्याण सिंह ने आज आठ सरकारी वाईस चांसलर की नियुक्तियो के आदेश जारी किये।
जारी आदेश में वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा में रतनलाल गोदारा, आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर में अभिमन्यु कुमार रामानंद राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में डॉक्टर अनुला मौर्य को वीसी बनाया गया है। इनके अलावा राज्य की पांच कृषि विश्वविद्यालय में भी वीसी नियुक्त किये गये है। जिनमें कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर में रक्षपाल सिंह,उदयपुर में नरेंद्र सिंह राठौड़, कोटा में दिनेश चंद जोशी, जोधपुर में बागड़ा राम चौधरी और जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय में जीत सिंह संधू को वीसी नियुक्त किया। आठ मे से तीन वीसी यूपी व दिल्ली के व एक गुजरात भाजपा सरकार के समय गुजरात मे वीसी रहे है। कुछेक को भाजपा के प्रिय भी बताया जा रहा है।
ज्ञात रहे इससे पहले राजस्थान की हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय का वीसी भी अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी को वीसी नियुक्त किया था। इसके अतिरिक्त अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद राजस्थान मे सोलह अतिरिक्त महाअधिवक्ता व एक महाअधिवक्ता की नियुक्ति के आदेश जारी हुये थे। जिनमें एक भी मुस्लिम एडवोकेट को जगह नहीं मिल पाई थी।
