वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
लखीमपुर खीरी जिला के पलिया में सरकारी तंत्र राष्ट्रीय पर्व को लेकर कितना गंभीर है इसका उदाहरण स्वतंत्रता दिवस पर देखने को मिला। पलिया थाने के अंतर्गत आने वाले सभी चौकियों पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया और बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया लेकिन पलिया पुलिस चौकी पर राष्ट्र ध्वज नहीं फहराया गया इसको लेकर सरकारी कर्मचारियों की उदासीनता स्पष्ट नजर आई और लोगों की चर्चाओं में कई बातें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि पूरे भारत में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर काफी उत्साहित, जश्न और खुशहाली का माहौल बना हुआ है, वहीं पलिया स्टेशन चौराहे के पास पुलिस चौकी पर राष्ट्रीय ध्वज को नहीं फहराया गया जिससे नगर वासियों व सरकारी कर्मचारियों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है, पलिया पुलिस चौकी के सामने परिवहन निगम के रोडवेज ऑफिस पर बाबू व कर्मचारियों ने मिलकर राष्ट्रीय ध्वज को समय पर फहराया गया वहीं चौकी के पीछे स्टेशन पर सभी रेलवे के कर्मचारियों ने समय पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराया लेकिन पलिया के मुख्य मार्ग पर पुलिस चौकी है जहां तिरंगे को नहीं फहराया गया है जिससे क्षेत्र के लोगों में चर्चाओं का विषय बना रहा। आजादी का पर्व इतिहास के सुनहरे पन्नों पर अंकित है। 15 अगस्त 1947 को जब देश को आजादी मिली तो पूरा देश आजादी के महानायकों सहित खुद को धन्य महसूस कर रहा था, लेकिन आजादी के सात दशक बाद हम अपने वतन के उस महान दिन को भूलते जा रहे हैं। प्रतिवर्ष आजादी के पर्व पर सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी सहित तमाम लोग अपने प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं, लेकिन सरकारी तंत्र की स्थिरता कहीं ना कहीं देखने को जरूर नजर आ जाती है।
