तंबाकू मुक्त भविष्य के लिए जागरुकता की है जरुरत: डाॅ मनीषा महाजन | New India Times

नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:तंबाकू मुक्त भविष्य के लिए जागरुकता की है जरुरत: डाॅ मनीषा महाजन | New India Times

देश के 73 वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जिले में रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सभी सरकारी, निमसरकारी तथा स्कूली इकाइयों में तिरंगा फहराया गया।

तंबाकू के कारण समाज में पनप रही स्वास्थ की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश से जिले के प्रत्येक सरकारी अस्पताल में झंडारोहण के लिए मौजूद तमाम नागरिकों तथा कर्मियों को तंबाकू निरोधी शपथ दिलाई गयी। यावल तहसील के किनगांव स्वास्थ केंद्र में केंद्र प्रमुख डाॅ मनिषा महाजन ने ध्वजारोहण के बाद गांव के सभी नागरिकों को तंबाकू सेवन से होने वाली कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के विषय में जनजागृति करते हुए बताया कि तंबाकू का उपयोग हानिकारक प्रभाव पैदा करता है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत कोटपा एक्ट 2003 का प्रचार प्रसार करने के साथ ही इसका अनुपालन कैसे होगा यह देखना भी सच्चे भारतीय होने के नाते हम सब का दायित्व है। तंबाखू सेवन में हो रहे इजाफ़े के कारण फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम समय रहते आवश्यक है।

तंबाकू मुक्त भविष्य के लिए जागरुकता की है जरुरत: डाॅ मनीषा महाजन | New India Times

जामनेर के फत्तेपुर केंद्र में भी तहसील स्वास्थ अधिकारी डाॅ राजेश सोनवणे, एकनाथ लोखंडे, सरपंच बेबी बाई पाटील, डाॅ पल्लवी सोनवणे, मुन्ना शेठ बंब, सुधाकर पाटील, संजय चौधरी, देवानंद लोखंडे, ज्योती चौधरी, रमेश भोळे, डॉ. विवेक जाधव, टी. आर.पाटील, आवळाबाई चौधरी, अर्चना गवई, सुनील पाटील, युवराज वाघ, अनंता अवचार, अमोल वाघ, मनीषा शेळके, रेखा तायडे, सुनीता पाटील, प्रकाश महाले, कविता वाहुले, लीना चौधरी, एम. डी. राठौड़, ज्योती महोरिया, शांताराम खोतकर, पूजा चौधरी आदि मान्यवरों की उपस्थिति में तंबाखू निरोधी संकल्प को वचनबद्ध किया गया। संवाददाता से बात करते हुए डाॅ मनीषा ने बताया कि देश में 61 फीसदी मौतें हृदयरोग, कैंसर, मधुमेह से होती हैं, 8 फीसद मौते कैंसर से होती है जिनमें 95 फीसद मामले सीधे तंबाकू सेवन से जुड़े हुए हैं। मेरी जानकारी के मुताबिक देश के 80 नामचीन चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री को इस विषय पर लिखकर एन्ड़स के नियम बनाने का आग्रह किया है। तंबाकू की खपत में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। बहरहाल आज स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लाल किले से देश के नाम अपने डेढ घंटे के संबोधन में प्रधानमंत्री ने सभी बिंदुओं पर खुलकर अपनी राय रखी जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ को लेकर भी काफी कुछ था, उम्मीद यही है कि उस दिशा में कुछ तो हो सकेगा।

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