सत्ता में वापसी का विश्वास है तो बैलेट पेपर पर चुनाव से क्यों डरती है भाजपा, मुख्यमंत्री को दिखायेंगे काले झंडे: गरुड | New India Times

नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

सत्ता में वापसी का विश्वास है तो बैलेट पेपर पर चुनाव से क्यों डरती है भाजपा, मुख्यमंत्री को दिखायेंगे काले झंडे: गरुड | New India Times

आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फ़डणवीस अपनी पार्टी का जनाधार मापने तथा राज्य में फ़िर से सत्तावापसी की मंशा से महाजनादेश यात्रा पर निकले हैं जिसके तहत यह यात्रा 7 जुलाई को भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले तथा सूबे के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन के गृहनिर्वाचन क्षेत्र जामनेर में पहुंचने वाली है। इसी यात्रा के ठीक दो दिन पहले तहसील राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस ब्रीफिंग में राष्ट्रवादी के गद्दावर नेता संजय गरुड ने कहा कि यात्रा के माध्यम से तहसील में पधार रहे मुख्यमंत्री को बढ़ती बेरोजगारी, अकाल राहत कार्य में अनियमितताएं, फसल बीमा पर पनपा संभ्रम, पिछड़े वर्ग के छात्रों की बंद करायी गयी छात्रवृत्ती जैसे अन्य मिलाकर कुल 11 सवाल पुछे जाएगें और हम यह उम्मीद रखते हैं कि इन सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री कुछ कहेंगे। राज्य की जनता कई समस्याओं से जूझ रही है इसलिए भाजपा की इस यात्रा में पधार रहे मुख्यमंत्री को राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से काले झंडे दिखाकर उनका धिक्कार किया जाएगा। महाजनादेश यात्रा के आयोजन पर तीखा हमला करते हुए गरुड ने भाजपा को चुनौती देते कहा कि अगर भाजपा को विकास के बलबूते वाकई सत्ता मेंं वापसी का विश्वास है तो वह EVM को हटाकर बैलेट पेपर पर चुनाव क्यों नहीं लड़ते? वहीं मंत्री महाजन पर कड़े प्रहार करते उन्होंने कहा कि जैसे ही विधानसभा के चुनाव आते हैं वैसे महाजन अपनी कार में नारियल की बोरियां भरकर तहसील के गांव कस्बों में विकासकार्यो का श्रीगणेशा करते हैं। जितने कुछ बुनियादी विकासकार्यो का आभास पैदा किया गया है उनके ठेकों की भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बंदरबाँट की गयी है जिसके चलते निर्मित कार्यो में गुणवत्ता नहीं है। मंत्रीजी की नौटन्की से लोग वाकिफ़ हैं। 20 साल तक विधायक 5 साल मंत्री रहते महाजन ने तहसील के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। नारपार, भागपुर, शेलगांव बैरेज जैसी परियोजनाओं को न्याय नहीं मिल सका। तापी का पानी जामनेर में लाने की महाजन की बात भी सफ़ेद झुठ साबित हुई है।

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