संदीप शुक्ला, ग्वालियर, NIT;
नोटबंदी के चलते ग्वालियर जिले के डबरा मंडी में वर्षों से चली आ रही आढत की प्रथा समाप्त होने का दावा संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने की है। गुरुवार को म.प्र. की विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस द्वारा लाये गये स्थगन के जबाब में यह बात कही। दरअसल देश भर में अपने आप में किसानों के साथ सरेआम लूट का कारोबार कच्ची आढत डबरा मंडी में वर्षों से चल रहा है। किसान जब भी अपना अनाज बेचने आता है तो व्यापारी और किसान के बीच में मध्यस्थ के रुप में आढतिया खड़ा हो जाता है और बेचे गये अनाज की राशि का तीन प्रतिशत काट कर किसानों को भुगतान कर देता है। सरेआम की जा रही इस लूट को स्थानीय प्रभावशाली राजनेताओं का पूरा संरक्षण प्राप्त है, जिनके दबाब के चलते प्रशासन भी कोई कारवाई नहीं कर पाता है।
नोटबंदी के बाद किसानों को चेक से पेमेंट की व्यवस्था भले ही चालू हो गयी हो लेकिन आढतियों ने नया तरीका निकाल लिया है। वे किसानों को आढत का प्रतिशत काट कर चेक दे रहे हैं या फिर किसानों को बाद में राशि देने के लिये बाध्य किया जाता है। किसान की मजबूरी है कि यदि वह आढत नहीं देता है तो एक तो उसे उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है और दूसरा, व्यापारी उसे बाद की डेट का चेक देते हैं। किसान दबे स्वर में इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि आढतियों से विवाद लेना उनका अहित कर सकता है। ऐसे में खूद को किसानों का हिमायती कहती शिवराज सरकार क्या कर पाती है, यह देखना होगा, क्योंकि खुद उनके ही मंत्री मानते हैं कि आढत नोटबंदी के कारण बंद हुई है। इसका मतलब साफ है कि पिछले 13 साल से सत्ता में काबिज भाजपा की सरकार इसे रोकने में सफल नही हुई है।
