मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मा. न्यायिक मजिस्ट्रेट बुरहानपुर श्री धीरेन्द्र सिंह मंडलोई ने न्यायालय के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपी गण सर्वश्री (1) गारसिंह पिता कोकन्या बारेला, उम्र 25 वर्ष, (2) गाठया पिता नारू बारेला उम्र 50 वर्ष, (3) प्रताप पिता किलाना उम्र 30 वर्ष, (4) कुंवरसिंह पिता सरदारसिहं बारेला उम्र 72 वर्ष, (5) देवीसिंह पिता सरदारसिंह उम्र 52 वर्ष, (6) सुरभान पिता होलकर उम्र 62 वर्ष (7) किरता पिता गुलसिंह उम्र 47 वर्ष (8) राजाराम पिता हरसिंह उम्र 58 वर्ष सभी निवासी पंधार जिला बुरहानपुर को 2 वर्ष सश्रम कारावास एवं 7000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।

अभियोजन अधिकारी श्री सुरेन्द्र सिंह वास्केल ने बताया कि दिनांक 25- 09-2012 को न्यायालय आर एस माडिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट बुरहानपुर के न्यायालय में लंबित आपराधिक प्रकरण में अभियुक्त कोकन्या, झाबरिया, नारू उपस्थित हुए और उनके अभियुक्त कथन लिए गए। न्यायालय द्वारा अचानक अभियुक्तगण से पूछताछ करने पर ज्ञान हुआ कि अभियुक्त नारू की पूर्व में म़त्यु हो चुकी है। उसके स्थान पर अन्य दो व्यक्ति फ़र्ज़ी तरीके से न्यायालय उपस्थित हुए है और इस तथ्य की सह अभियुक्तगण को जानकारी होने के बावजूद भी वास्तविक तथ्य को छुपाया गया। न्यायलय के निर्देश पर थाना सिटी कोतवाली ने मामला पंजीबद्ध कर जांच उपरांत आरोपीगण के विरूद्ध धारा 419,420,120बी भादवि के अंतर्गत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया।

प्रकरण में सफलता पूर्वक पैरवी अभियोजन अधिकारी श्री सुरेन्द्रसिंह वास्केल द्वारा करते हुए विचारण पश्चात आरोपीगण गारसिंह, गाठया, प्रताप, कुंवरसिंह, देवीसिंह, सुरभान, किरता एवं राजाराम को मा. न्यायालय से दोषसिद्ध कराते हुए धारा 419 भादवि में 6 माह का सश्रम कारावास,धारा 205 भादवि में 6 माह कारावास सश्रम कारावास धारा 420 में 2 वर्ष सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्डऔर धारा 120बी में 500 रू के अर्थदण्ड से दंडित कराया।
