गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने पर शहरी क्षेत्र से लेकर गांव के गरीबों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। कई लोगों ने बताया कि हम गरीबों ने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि अपना भी एक आशियाना होगा और झोपड़ी से पक्के मकान में रहने का सपना साकार होगा लेकिन वह सपना मोदी सरकार ने पूरा कर दिया। दयाराम पुत्र गोकुल, वार्ड नंबर 22 गांधीनगर लोरपुर ताजन ने बताया कि हमारी पूरी जिंदगी झोपड़ी में ही गुजरी थी, बारिश आंधी तूफान सब कुछ झेलना पड़ता था, आज पक्का मकान देखकर दिल खुश हो गया जिसमें हम व हमारा परिवार सदैव इस सरकार के लिए आभारी रहेगा। वार्ड नंबर 20 के मग्घू राम प्रजापति ने बताया कि कांग्रेस ने इंदिरा आवास तो गरीबों के लिए लागू किया मगर गरीबों को आवास की योजना ठीक तरह नहीं मिल पाई मगर इस सरकार ने बिना जाति धर्म देखे गरीबों को छत दिया, आज मैं भी अपने पक्के मकान मे रहता हूं। फूलमती तिवारी, वार्ड नंबर 5 ने कहा कि हम मजदूरी करने वाले लोगों और गरीबों को सरकार ने पक्का मकान दिया।
न्यूज कवर करने गये मीडिया कर्मियों को आवास योजना के बारे में कुछ लोगों ने यह भी बताया कि बिचौलियों और दलालों का खेल था जिसमें अधिकारियों के नाम पर पैसे की जमकर बंदरबांट की जाती थी और मुंह बंद करने के लिए भी कहा गया था मगर जिलाधिकारी और नगरीय विकास अधिकारी द्वारा बिचौलियों से सावधान रहने की खबरें प्रकाशित हुई तब हम लोगों को पता चला कि गलत हुआ हमारे साथ।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब पात्रों को मिलने वाले लाभ को लेकर सरकार और जिले के अफसर अब गंभीर हो गये हैं। परियोजना अधिकारी आदित्य कुमार ने बताया कि हजारों की संख्या में गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि 2022 तक हर गरीब का अपना पक्का मकान हो।
परियोजना अधिकारी ने सभी पात्र गरीब परिवारों को यह भी चेताया कि कोई भी व्यक्ति आवास या शौचालय का लाभ लेने के लिये किसी को भी कोई रिश्वत नहीं देगा और अगर अपात्र रिश्वत देकर इसका लाभ लेने का प्रयास करते हैं तो उन्हें बख्शा नहीं जायेगा साथ ही साथ उन्होंने बताया कि अब पात्रों को जल्द ही उनके मोबाइल नंबर पर प्रधानमंत्री आवास योजना ऋण संबंधित की जानकारियां मिल जाएंगी जिससे कि वह बिचौलियों से सावधान रहेंगे जिसके लिए जिला अधिकारी के निर्देश पर हम लोग प्रयास में लगे हुए हैं।
