रहीम हिंदुस्तानी/बृजेश खंडेलवाल, अलीराजपुर (मप्र), NIT:

आदिवासी बाहुल्य जिले के विधानसभा के युवा विधायक मुकेश पटेल ने एससी/एसटी व सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का अधिक लाभ देने के लिए आय सीमा भेदभाव समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र लिखा है। पत्र में विधायक मुकेश पटेल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एससी, एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा चिकित्सा शिक्षा आदि के लिए छात्रवृत्ति एवं शिष्यावृत्ति देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। उक्त योजनाओं का संचालन मुख्यत: स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग एवं कौशल विकास विभाग, चिकित्सा, शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा किया जाता है।
उक्त योजनाओं में एससी, एसटी वर्ग के अधिक ढाई लाख रुपए आय सीमा का बंधन है, इससे अधिक आय सीमा वाले परिवारों को आय सीमा में बढ़ते क्रम में 5 लाख रुपए आय तक क्रमश: 75 फीसदी एवं 50 फीसदी छात्रवृत्ति, शिष्यावृत्ति देने का प्रावधान नहीं है जबकि मप्र शासन द्वारा हाल ही में सामान्य वर्ग के लिए दिए गए आर्थिक आरक्षण में उक्त वर्ग की आय सीमा 8 लाख तक की गई है, जिसमें शासन द्वारा निर्धारित की गई आय सीमा आरक्षित वर्ग और सामान्य वर्ग के बीच भेदभाव किया जा रहा है। विधायक पटेल ने मध्य प्रदेश के ओजस्वी मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ से निवेदन किया है के एससी, एसटी, सामान्य वर्ग के बीच आय सीमा के भेदभाव को समाप्त कर सभी वर्गों के लिए आय सीमा 10 लाख रुपए करने की मांग की है। जिससे आपसी मदभेद भी खत्म हौ जायेंगे ।
