यवतमाल विभाग को पंढरपूर यात्रा से प्राप्त हुई लाखों की आमदनी | New India Times

मकसूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल विभाग को पंढरपूर यात्रा से प्राप्त हुई लाखों की आमदनी | New India Times

महाराष्ट्र के आराध्य पंढरपूर के विठ्ठल रूक्मिणी के दर्शन हेतु श्रध्दालुओं की भारी भीड पंढरपुर पहुंचती है। इस आषाएी मेले के लिए रापनि की ओर से 8 जुलाई से विशेष बसे छोड़ी गई। कुल 161 विशेष बसे इस समय यवतमाल से पंढरपुर के लिए चलायी गई जिसमें जिले से 7 हजार से अधिक श्रध्दालु रापनि के बस से पंढरपुर गए और दर्शन कर वापिस लौटे जिसके बाद रापनि विभाग द्वारा इस मेले में चलायी गयी विशेष बसों से हुए आमदनी का हिसाब किताब लिया गया। गत दो सप्ताह तक चलाई गयी इस विशेष सेवा से रापनि को 5 लाख 8 हजार 600 रूपए की आमदनी हुई है। यवतमाल जिला मुख्यालय समेत पुसद, वणी, उमरखेड, पांढरकवडा, दारव्हा, नेर, दिग्रस एवं रालेगांव के 9 डिपों के लिए विशेष बसे चलाई गई थी।वहीं बीते वर्ष यवतमाल विभाग से 145 बसें चलाई गयी थी. तब इन बसों ने 1 लाख 63 हजार 429 किमी का सफर किया था जो इस वर्ष बढकर 1 लाख 76 हजार 545 किमी हो गया। हर वर्ष पंढरपुर जाने वाले श्रध्दालुओं की संख्या बढ रही है और रापनि को अधिक विशेष बसें चलानी पड रही हैं। पंढरपुर के विठ्ठल रूक्मिणी पर पुरे महाराष्ट्र के भक्तों की अपार श्रध्दा है। जिले के कई गावों से दिंडी में भी पैदल सैकडों किमी का सफर तय कर पंढरपुर पहुंचनेवाले भक्त भी लौटते समय विशेष हो या साधारण सभी रापनि की बसों से लौटते है. जिसके कारण इस समय रापनि की बसें पुरी तरह भरी होती है जिसका लाभ रापनी भी उठा रही है।

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