मंत्री गिरीश महाजन ने किया सडकों का भूमिपूजन | New India Times

नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:मंत्री गिरीश महाजन ने किया सडकों का भूमिपूजन | New India Times

आज देश के पूर्णकालिन वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सितारामन ने NDA 2 का पहला बजट संसद में पेश किया जिसमे “गांव गरीब और किसान” को केंद्र में रखकर विकास का नारा बुलंद किया गया। इसी शुभ घड़ी को साधते हुए सुबे के जलसंपदा मंत्री श्री गिरीष महाजन ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र जामनेर तहसील के विभिन्न गांवों में पहुचकर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्तावित सड़कों का ताबड़तोड़ भूमिपूजन किया।

गांव गरीब तथा किसानों को सड़कों से जोडने का ऐतिहासिक संदेश देने वाले समारोह के प्रसारण के लिए मीडिया में प्रकाशित इश्तिहारों के साक्षात्कार से आम लोगों को यह मलाल अवश्य रहा होगा कि शायद इससे पहले तहसील में कभी सड़कें बनी ही नहीं होगी, अगर बनी भी होगी तो उनका टेंडर इस तरह बारिश के मौसम में नहीं निकाला गया होगा। जामनेर तहसील के करीब 12 जगहों पर मंत्री जी ने मुख्यमंत्री सड़क योजना का शिलान्यास किया। कार्यक्रम के लिए मंत्री जी दिनभर तहसील में मौजुद रहे। विज्ञापनों में प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर तकनिकी बिंदु और खर्च के बारे में जो प्रशासनिक ब्योरा दिया गया उनके आंकड़े पाठकों की समझ के बिल्कुल बाहर मालूम पडे। सड़कों को ढांचागत या पक्की बनाया जाना है यह भी पता नहीं चल सका। गांवों को इस तरह अंतर्गत सड़कों से जोड़ने वाला जामनेर यह महाराष्ट्र का पहला तहसील होने का दावा सड़कें बनाने से पहले ही पुख्ता कर दिया गया, जबकि प्रत्यक्ष काम आरंभ भी नहीं हुआ है। वैसे भी बारिश के अभी दो महिने शेष हैं जिसमें अगर यह सड़कें बनीं भी तो उनकी गुणवत्ता की पोल आज कल में खुलनी है। आनेवाले अक्तुबर में राज्य विधानसभा के सार्वजनिक आम चुनाव होने जा रहे हैं। जैसा कि स्थानीय विपक्ष अपनी जनसभाओं में हमेशा यह आरोप लगाता रहा है कि चुनाव आते ही मंत्री जी विकास पिकनीक पर निकल पडते हैं। इसी आलोचना को अब जनता में तार्किक आधार पर बल मिलता दिखाई पड़ने लगा है। बहरहाल जिस तरह केंद्रीय बजट से पहले घोषित आर्थिक सर्वे के चाप्टर 2 में “नीज थेयरी” का जिक्र किया गया है जो जनता के मनोविज्ञान की चिकित्सा को उनके बर्ताव मे ढाती है जिसके बाद जनता में प्रमोट की गई सरकारी योजनाएं जनआंदोलन बनकर उभरती हैं जो पार्टी विशेष का जनाधार बढाने में कारगर साबित होती है। बाद में इन योजनाओं की कोई सुध नहीं लेता। इसी Nudge theory की तर्ज पर या ठीक उसी तरह भाजपा ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के भुमिपूजन के माध्यम से अपने पारंपारिक तरीके और विपक्ष के आरोपों के अनुरुप अपने चुनावी प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया है।

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