दयाशंकर पांडेय, ब्यूरो चीफ, प्रतापगढ़ (यूपी), NIT:

भूमि संरक्षण अधिकारी (आई डब्लू डी) प्रतापगढ़ की लापरवाही के कारण दो पक्षों में जमकर फायरिंग हुई और बम भी चले। पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है।

आपको बता दे कि एक महीने पहले ही 15 जून को आदेश आने के पहले ही पितई पुर विकास खण्ड मान्धाता ग्राम सभा में कोटेदारी प्रक्रिया को लेकर भारी खूनी साजिश रची गयी थी लेकिन कुछ समाज सेवी व विपिन सिंह प्रभारी निरीक्षक मान्धाता के सक्रियता से जन हानि नहीं हो पाया जबकि पचासों फायरिंग बमबाजी चार पुलिस वालों के सामने ही हुई थी मौके पर दोनो पक्षो के मारपीट के दौरान आधा दर्जन लाइसेंसी असलहे एक दर्जन से ज्यादा अवैध असलहों से से लैस थे कोटा चयन प्रक्रिया के समय जिसके कारण जमकर हुई फायरिंग बाद में पूरी फोर्स व CO के पहुँचने के बाद आधा दर्जन लोगों को उठाया गया है।
कोटा चयन को लेकर फायरिंग

प्रतापगढ विकास खंड मान्धाता के ग्राम सभा पितईपुर में आज कोटेदार का चयन गांव की खुली बैठक मे होना था। चयन में सम्मिलित होने के लिए गांव के लोग एकत्र हो रहे थे। गांव के कोटे के लिए दीपक पटेल और विजय कुमार मौर्य की पत्नी मैदान में थी। जैसे ही गांव के लोग एकत्र हुए कि दोनों के समर्थकों के बीच बाद विवाद शुरू हो गया। वाद विवाद के दौरान समर्थक इतने आक्रमक हो गए कि दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। विजय मौर्या व दीपक पटेल के समर्थकों में जमकर गोलियां और बम चले। इसी दौरान गोली सहबान ऊर्फ सेबू 18 वर्ष पुत्र रमजान को लगी। फायरिंग होते ही वहां अफरा तफरी मच गई। सहबान को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मान्धाता लाया गया है।
