इकरार अहमद, ब्यूरो चीफ, हरदोई (यूपी), NIT:

शहर के एक गेस्ट हाउस में चेतना सेवा संस्थान रामपुर द्वारा दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन कर अल्पसंख्यक महिलाओ की शैक्षिक, आर्थिक एवं उनके नेतृत्व विकाश के लिए एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में
महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को आगे बढ़कर कैसे आत्म निर्भर हुआ जाये इसके टिप्स बताये गये। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल व वक्फ के बड़े बाबू शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में बोलते हुये संस्था के अध्यक्ष मो0 राईस अहमद ने सरकार द्वारा अल्पसंख्यक महिलाओं के
लिए चलाई जाने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में संक्षेप में बताया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे नई रोशनी, नई उड़ान, नई मंजिल व उस्ताद सहित कई योजनाओं के बारे में जारकारी देते हुये बताया कि सरकार इन सब योजनाओं से आपको क्या-क्या फायदा पहुंचाना चाहती है। उन्होनेे यह भी बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा किये गये प्रयासों के सम्बंध में सूचना देने और मन्त्रालय की विभिन्न योजनाओं में की गई प्रगति की माॅनीटरिंग करने के लिए भी उत्तर भारत के सभी राज्यों के साथ समन्वय बनाने के लिए 18 जनवरी 2018 को लखनऊ में एक बैठक अयोजित की गई थी और राज्यों और स्टेट होल्डर के साथ विचार विमर्श से मंत्रालय के प्रयासों को बल मिला, विशेषकर नीतियां
बनाने और परियोजनाओं योजनाओ के कार्यो में रुकावटों को दूर करके उनकी गति बढ़ाने में भी काफी सहायत मिली।
कार्यक्रम में लखनऊ से आये राशिद सिद्दीकी ने महिलाओं को सभी स्तरों पर सरकारी बैंकों एवं मध्य स्थलों के साथ
सम्पर्क करने के लिए उपकरण व तकनीकि उपलब्ध कराते हुए महिलाओं को सशक्त बनाने व उनमें विश्वास जगाने के लिए कई अहम बातें बताईं। वहीं कार्यक्रम में वी जायसवाल ने अल्पसंख्यक महिलाओं को सरकार की योजना नई मंजिल के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि यह एक सरकार की अल्पसंख्यक महिलाओं के प्रति नई पहल है। 2015 से 2016 के दौरान मंत्रालय ने 8 अगस्त
2015 को एक नई योजना नई मंजिल की शुरूआत की थी जिससे आज महिलाओं को इससे काफी लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम में संस्था के क्वार्डीनेटर नूर आलम नें
बोलते हुये कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए बनाई गई योजना का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना है साथ ही इस योजना के सहारे इस वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। अगर वे आत्मनिर्भर होंगी और अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होंगी, तो अपने आप ही बराबरी के अधिकार की
मांग करेंगी जिससे महिला सशक्तिकरण और भी मजबूत होगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष रईस अहमद, शिव मोहन शुक्ला, आलम रब्बानी सहित तमाम अल्पसंख्यक
समुदाय की महिलायें मौजूद रहीं।
