भूषण सेवा संस्थान द्वारा बरवर में एक दिवसीय विषयक सेमिनार एवं कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

भूषण सेवा संस्थान द्वारा बरवर में एक दिवसीय विषयक सेमिनार एवं कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

भूषण सेवा संस्थान द्वारा जनपद लखीमपुर खीरी के कस्बा बरवर में भारतीय भाषा संस्थान के सहयोग से सन्त कबीरदास जी विषयक पर एक दिवसीय सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।

भारतीय भाषा संस्थान मैसूर (कर्नाटक) के सहयोग से भूषण सेवा संस्थान उचौलिया द्वारा सन्त कबीरदास जी के विचारों को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बरवर की चेयरमैन श्रीमती नसरीन बानो ने संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सन्त कबीरदास धर्म सम्प्रदाय से विरत सभी के लिए कुशल मार्गदर्शक थे जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध कवि सतीश शुक्ल ने एक मुक्तक-

हमें सन्मार्ग दिखलाते वो आशाएँ हमारी थे,
कबीरा नाम उनका था वो पल पल के विहारी थे,
न हिंदू वो न मुस्लिम वो न थे वो पारसी कोई,
हुए वो संत भारत के अहिंसा के पुजारी थे…

से अपना वक्तव्य प्रारम्भ करके विस्तार से कबीरदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते रहे और सभी से निवेदन किया कि सन्त कबीरदास जी के बताए रास्ते पर खुद भी चलें और दूसरों को भी प्रेरित करें ।

विशिष्ट अतिथि के रूप में लखनऊ से आये समाजसेवी सुनील शुक्ला ने भी लोगों को धर्म सम्प्रदाय से ऊपर उठकर एकता के सूत्र में बंधने का प्रयास करें और रूढ़िवादिता से दूर रहें । कार्यक्रम में युवा कवि पवन पाल ने भी अपने मुक्तक-

करोगे जो यहाँ सब कुछ वही है कर्म था पाला,
यहाँ पर धर्म के पाखंड की थी तोड़ दी माला,
मरे मगहर मिलेगा नर्क ये सब लोग कहते थे,
गये मगहर मिला है स्वर्ग सबका तोड़ भ्रम डाला…

से प्रारम्भ कर लोगो को विस्तार से कबीरदास जी के विषय में जानकारी दी ।
अध्यक्षता कर रहे पूर्व चेयरमैन के पुत्र अली शहबाज ने लोगों से आग्रह किया कि अगर मजबूत देश चाहते हों तो सभी को कबीरदास जी के बताए रास्ते पर चलकर जाति पांति, धर्म समुदाय का भेदभाव छोड़कर एक साथ चलने का संकल्प लेना होगा तभी इस कार्यशाला का उद्देश्य सफल होगा साथ ही आज की चर्चा जनजन तक पहुंचानी होगी। कार्यक्रम में लखनऊ से आये शुभरेश कुमार, सत्याजली शर्मा ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का सफल संचालन संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने किया और भारतीय भाषा संस्थान का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन राहत जैदी ने किया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version