इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

भले ही केंद्र में भाजापा की सरकार हो लेकिन मध्यप्रदेश में बिजली कटौती ने नाम से मशहूर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार काबिज है लेकिन अब रोना फिर वही जिसके लिए कांग्रेस जानी जाती है, मतलब साफ घुप्प अँधेरा, अघोषित बिजली कटौती, प्रदेश की जनता परेशान, ऐसे में लोगों के ज़ख्मों पर मरहम लगाने सड़कों पर उतरी विपक्ष में बैठी भाजापा जिसने चक्का जाम की चेतावनी दे दी है। प्रदेश में जबसे कांग्रेस की सरकार बनी है बिजली और पानी की स्थिति वद से बदतर हो चुकी है। दिन में हो रही बार बार की बिजली कटौती से जनता हलाकान हो चुकी है। बार बार के ध्यान आर्कषण के बाबजूद भी इनके कानो पर जु तक नही रेंग रही, ये हाल ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला स्तर तक बनी हुई है जहाँ सुबह 7 बजे से दिन के 12 बजे तक अलग अलग क्षेत्रो में लगातार बीजली कटौती जारी है। 
ऐसे में अस्पतालों में घंटो बिजली रानी नदारत होने से स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हाल बे हाल हो गए हैं । इसी तरह पथरिया स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीज जिनमें मासूम बच्चे शामिल है पांच घंटे की बिजली कटौती में हाल बेहाल हो जाता है। भले ही देश मे भाजापा की मोदी राज कर रही हो लेकिन जिस भाजापा ने बीते 15 सालों में शिवराज सरकार के नेतृत्व में कांग्रेस की बिजली कटौती वाली सरकार से निजात दिलाई थी वही कमलनाथ की कटौती वाली सरकार अब दोबारा अपने पुराने ढर्रे पर आकर थम गई है, जिसका विरोध अब विपक्ष में बैठी भाजापा अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मैदान में उतरी है और ये ऐलान कर दिया कि अब पंजा धारी सरकार के खिलाफ कमल कुनबे को अपनी आवज बुलंद करनी ही पड़ेगी जिसका बिगुल खुद पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बजा दिया है।

पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में कमल कुनबे के समस्त पदाधिकारियों की मौजूदगी में ये फैसला किया गया है कि अगला कदम विधुत विभाग के सामने चक्का जाम का रहेगा। भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है 11 जून को भाजपा कार्यकर्ता बिजली कटौती के विरोध में दमोह केे जबलपुर नाका पर 1 घण्टे का सांकेतिक चक्का जाम कार्यक्रम रखकर जनता की आवाज को बुलंद करेगी। यह बात पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को सबोधित करते हुए कही। भाजापा के जिला महामंत्री रमन खत्री ने कहा- भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता की ये कोशिश होगी कि जनता के लिए हो रहे इस जनआंदोलन में जनता को कोई परेशानी न हो।
जिला स्तर से लेकर सारे प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं और ऐसे में विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। वक़्त रहते अगर विधुत व्यस्था ठीक ना की गई तो कही ऐसा ना हो ये कमलनाथ सरकार को मुसीबत में डाल दे।
