संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

गोपाल किरण समाज सेवी संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मासूम उत्पीड़ित बाल दिवस पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें चाइल्ड राइट फोरम, समाजसेवी संस्थाओं की बहनों व स्कूल की प्राध्यापक व अध्यापक ने हिस्सा लिया।
श्रीप्रकाश सिंह निमराजे गोपाल किरण समाज सेवी संस्था (GKSSS ) ने संबोधित करते हुए कहा कि 4 जून को आक्रामकता के शिकार मासूम बच्चों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूक करना और उनकी पीड़ा को उजागर करना है। बच्चे हमारे समाज की अधखिली कलियां होती हैं। जब उनके बचपन पर चोट लगती है तो उनके भविष्य पर बहुत दर्दनाक प्रभाव छोड़ती है। क्या हम बच्चों के प्रति होने वाले भावनात्मक, मानसिक, शारीरिक यातनाओं को रोक सकते हैं। इस संदर्भ में सब बहनों ने अपने- अपने विचार व्यक्त किए।
डॉक्टर अर्चना ने कहा की मुझे आज तक अपने बचपन में अगर किसी ने कोई भी दिल दुखाने वाली बात कही तो याद है। बच्चों के कोमल मन पर छोटी छोटी बातें असर डालती हैं। आज हर समस्या का हल है अगर माँ बाप अपने बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार करे और उन को समय दे तो बच्चें हर छोटी बात उन से share करेंगे और कोई बढ़ी दुर्घटना होने से बच सकतीं है।
जीवन ने कहा के आज जो बाल मज़दूर है या भिक्षा के लिए बच्चें उठाये जा रहे है उस पर भी ध्यान देना होगा। रेखा जी ने कहा की स्कूल में अध्यापक बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार करे और अगर घर में कोई दिक्कत है तो बच्चा अपने अध्यापक से share करे । कंचन सागर ने कहाँ की ये सब दिक़्क़तें छोटी colonies में ज़्यादा हो रही है क्योंकि माँ बाप मजदूरी करने चले जाते है और बच्चें अकेले रह जाते है । जहाँआरा ने कहा की जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या करे । उन्होंने अभी एक खिलाड़ी के लिए उस के ख़ुद के पिता द्वारा दुष्कर्म के केस के बारे में बताया और कहाँ जहाँ भी मेरी ज़रूरत होगी मैं मदद करूँगी । डॉक्टर कुंजल , कंचन सागर , मंजरी व अनय ने अपने अपने विचार रखें । सुगन्धा जी ने सब को धन्यवाद किया । बच्चों ने लघु नाटक प्रस्तुत किया जिस में बच्चों के उत्पीड़न के कुछ मुद्दे उठाए।
सभी को कल विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पौधें लगाने के लिए दिए गए।
कार्यक्रम में आरती सिंह, माला, इन्दु कुकरेजा, दीपिका, पूनम, नीरज सिंगला, सुनिता गोयल, निशा सिंह, रितु, सुमन नारंग, शोभा, पायल, उर्वशी, उषा, नेहा, डिम्पल चावला, सुनैना शर्मा, अलका शर्मा, पूनम चावला, योजना, कैलाश गुप्ता, शकुंतला, शारदा, माधवी वर्मा, ज्योत्सना बिंदल मौजूद रहे। सभी ने कहा की हम इस मुद्दे पर मिल कर काम करेंगे।
