नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
तहसील के पहुर ग्रामीण अस्पताल में 31 मई को भाजपा के जिला परीषद सदस्य अमित देशमुख ने सेवा में कोताही बरतने के आरोप पर एक वार्ड सेवक की पिटाई कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार पहुर में किसी हादसे में घायल कुछ मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे कि तभी वहा पधारे भाजपा के जिला परीषद सदस्य अमित देशमुख ने वार्ड सेवक अविनाश कराड को महज इस आरोप पर पीटना शुरु कर दिया कि कराड मरीजों का उपचार नहीं कर रहा था। मौके पर अस्पताल के प्रमुख डाॅ हर्षल महाजन से भी अंजान तत्वों ने हाथापाई करने की कोशिश करने की बात बतायी गयी है। मामले में दोषी देशमुख ने स्थानीय अखबार में प्रतिक्रिया देते हुए वार्ड सेवक से किसी भी तरह की मारपीट से इंनकार किया है जबकि वास्तविकता कुछ और सच्चायी बयां कर रही है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज के सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले में वार्ड सेवक कराड की शिकायत पर अमित देशमुख समेत अन्य चार आरोपियों के खिलाफ़ कोतवाली में संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले ने पूरी तरह राजनितीक रंग ले लिया है। पुलिस के मुताबिक कानूनी कार्रवाई जारी है और अमित को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। विदीत हो कि पहुर में सरकारी अस्पताल में स्वास्थ सेवाओं की बदहाली और पेयजल की किल्लत के विषय पर बीते तीन दशकों से राजनितीक तर्ज पर सभी चुनावों में भुनाई जाते रहे हैं। लेकिन अब तक नेताओं की इच्छाशक्ती के अभाव से ना अस्पताल का कायाकल्प हो सका है या ही ना जल किल्लत पर शाश्वत उपाय हो सका है। यहाँ सेवारत कर्मीगण सैकडों समस्याओ और संकटों का सामना करते प्रतिकुल परीस्थितियों में भी अपने आत्मबल पर जनता की सेवा में लगे हुए हैं। सत्तापक्ष के पदाधिकारी अपने दायित्वों से पल्ला झाडकर आखिर उस प्रशासन से क्यों भिड रहे हैं जो प्रतिकुल स्थिति में भी अपने कर्तव्य में तत्पर रहते हैं यह सवाल लोगों द्वारा पुछा जाने लगा है। क्षेत्र की स्वास्थ सेवाओं पर विस्तार से बताने या लिखने की कोई प्रासंगिकता बचती ही नहीं है क्योंकि जनता इसके बारे में अनुभव संपन्न तो है पर अपने लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अधिकारों से स्वयं अंजान भी हैं।
