एक ही दिन में तीन हत्याओं से भिवंडी शहर में फैली सनसनी,  पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल | New India Times

शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT; ​एक ही दिन में तीन हत्याओं से भिवंडी शहर में फैली सनसनी,  पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल | New India Timesभिवंडी पुलिस उपायुक्तालय परिमंडल- 2 अंतर्गत कुल  6 पुलिस स्टेशन तथा एक अपराध शाखा स्थापित है, उसके बावजूद उक्त  कार्यक्षेत्र में विभाग की नष्क्रियता के कारण  दिनोदिन हत्या ,बलात्कार ,चोरी, अपहरण, लूट आदि जैसी गंभीर आपराधिक घटनाएं घटित हो रही हैं। सोमवार को एक ही दिन दो महिलाओं सहित एक व्यक्ति की हत्या की घटना ने भिवंडी शहर में पुलिस के सुरक्षा व्यवस्थारपर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। एक ही दिन में हुए तीन हत्याओं से नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली  घटना में अज्ञात लुटेरों ने कोनगांव स्थित देवीपाडा के  दुर्गा अपार्टमेंट में घुसकर उषा अनंता म्हात्रे ( 51) नामक  महिला की तकिया से नाक, चेहरा  व हाथ व गला दबाकर हत्या कर दी और बेडरूम में रखे  लकडी के कबाट में से  9 लाख 80 हजार कीमत के 35 तोला सोने के आभूषण, 3 लाख रुपये नगद  व 10 हजार रुपये कीमत कि सीसीटीवी व वीसीआर मशीन इस प्रकार कुल 12 लाख 90 हजार रुपये का माल लेकर फरार हो गये। इस घटना से  कोनगांव परिसर में दहशत फैल गया है। 

दूसरी घटना पटेल कंपाउंड घटित हुई है। यहां पती ने पत्नी के चारित्ररपर शक करते हुए आपस में तक्रार की। तक्रार के दौरान तैश में आ कर पति मुजीबुर्रहमान  इद्रीसी (21 निवासी नदीम कंपाउंड  ने पत्नी रिजवान परवीन ( 21) के सीने पर धारदार हंसिया से वार कर स्तन काट कर हत्या कर दी। इन दोनों का डेढ वर्ष का एक लडका भी है जो अनाथ हो गया है। नारपोली पुलिस ने मुजीबुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। 

तीसरी घटना अशोकनगर न्यू टावरे कंपाउंड  क्षेत्र घटित हुई है। इस घटना में  खानावल मालिक रविंद्र सादु चव्हाण ( 45) का पत्नी बबिता (38) के साथ अनैतिक संबंध होने के कारण आक्रोशित पति शिवानंद शामा भारती ( 45) ने रविंद्र के सिर व शरीर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। उसी समय बीचबचाव करने के लिए पडोसी मुन्नालाल विश्वंभर भारती (49) कुल्हाड़ी का वार रोकने के लिए आगे आया परंतु रविंद्र ने उसके ऊपर भी कुल्हाड़ी से वार करके उसे भी जान से मारने का प्रयास किया। इस हत्या के मामले में शिवानंद को भोईवाडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भिवंडी में  गंभीर आपराधिक घटनाओं के घटित होने के बाद भी पुलिस  उपायुक्त मनोज पाटिल व उनकी पुलिस टीम की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।​​​एक ही दिन में तीन हत्याओं से भिवंडी शहर में फैली सनसनी,  पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल | New India Timesउल्लेखनीय है कि भिवंडी में भाजपा युवा कार्यकर्ता बंटी खंडागले एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नगरसेवक  मनोज म्हात्रे की निर्मम हत्या कर दी गई थी इसके बाद भी पुलिस ने कानून व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया है। भिवंडी में हत्याओं के प्रकरण में वृध्दि होती जा रही है। पुलिस  उपायुक्त मनोज पाटिल ने 1 जून 2016 को भिवंडी पुलिस उपायुक्त का पदभार ग्रहण किया था। पदभार ग्रहण करते समय शहर में आपराधिक मामले  पूर्ण रूप से  नियंत्रित होंगे इस प्रकार का विश्वास नागरिकों ने पुलिस उपायुक्त मनोज पाटिल दिलाया था। परंतु 10 महीने के कार्यकाल में शहर में अपराधियों की बढ़ोतरी हुई है, जिस कारण महिलाएं व सामान्य नागरिकों का जीवन असुरक्षित है जोकि एक गंभीर समस्या है, जबकि आगामी माहीने में भिवंडी मनपा के चुनाव होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा शहर में कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है।
             

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version