हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:

कोतवाली क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां किसी मां ने एक नवजात को लावारिस हालत में फेंक दिया जिसको बिल्ली अपना निवाला बनाने ही वाली थी कि इसी बीच सुमन नाम की महिला देवदूत बनकर पहुंच गई जिसने न सिर्फ बिल्ली को भगाकर नवजात बच्ची को बचाया बल्कि उसे अपने सीने से लगाकर अपना दूध भी पिलाया। बिल्ली के हमले से जख्मी नवजात को महोली सीएचसी से नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

कोतवाली क्षेत्र के गांव कचूरी में किसी ने एक नवजात को जन्म के बाद मरने के लिए फेंक दिया। उस नवजात को एक बिल्ली मुंह में दाबकर निकल भागी। बिल्ली गांव के ही रामकुमार के घर जा घुसी। इसी बीच घर में नवजात के रोने की आवाज सुनकर गांव के सुरेंद्र की पत्नी सुमन वहां पहुंची। नवजात को बिल्ली के मुंह में देख, शोर मचाया और बिल्ली को भगाया। तब जाकर नवजात की जान बची। तब तक नवजात बुरी तरह से जख्मी हो चुकी थी। बिल्ली के दांत लगने के कारण उसके चेहरे पर जख्म हो चुका था। बावजूद इसके सुमन ने बालिका को उठाकर गोद में ले लिया और उसे अपना दूध पिलाया। हालत बिगड़ते देख, सुमन उसे सीएचसी ले गई। यहां पर डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने उसे सर्जन को रेफर किया। सर्जन ने ऑपरेशन थियेटर ले जाकर नवजात के जख्मों पर टांके लगाए और उसे महिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बिल्ली के दांत लगे हैं इसलिए उसे एंटी रैबीज वैक्सीन भी लगाई जाएगी। समाचार लिखे जाने तक नवजात का इलाज महिला अस्पताल में चल रहा था। नवजात को किसने फेंका, यह रहस्य बना हुआ है। कोतवाल धर्मप्रकाश शुक्ला ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। महोली क्षेत्र में नवजात मिली है। बच्ची को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। उसके ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है।
