डीएम का चढ़ा पारा, एआरएम को फटकार लगा जेई, एई को भगाया | New India Times

हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:

डीएम का चढ़ा पारा, एआरएम को फटकार लगा जेई, एई को भगाया | New India Times

सीतापुर जिले के अधिकारी डीएम की बैठक को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सोमवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में तमाम अधिकारियों ने अपने लिपिकों को भेज दिया। इससे डीएम अखिलेश तिवारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने ऐसे लोगों को अपने अधिकारियों को भेजने की हिदायत देकर बैठक से वापस जाने के लिए कह दिया। उन्होंने कहा कि रोज हादसे हो रहे हैं और आप लोग सोये हुए हैं। बताइए बैठक में अधिकारी क्यों नहीं हैं? डीएम के तेवर देख सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मौजूद अधिकारियों ने चुप्पी साध ली।

जिला पंचायत के नेहरू हाल सभागार में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम अखिलेश तिवारी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों के प्रतिनिधियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन के बजाय जेई के आने पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने जेई को बाहर जाने व अपने अधिकारी को तुरंत बुलाने की चेतावनी दी। एआरएम रोडवेज ने भी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में खुद न आकर कार्यालय में तैनात लिपिक को भेजा था। डीएम ने लिपिक को वापस भेज दिया। फटकार लगाते हुए कहा कि लिपिक स्तर के लोग क्या काम करेंगे। विभागों के अधिकारी ही बैठक में आएं। सड़क सुरक्षा की बैठक में एसपी एलआर कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रशासन प्रवीण कुमार सिंह, डीपीआरओ इंद्र नारायण सिंह, सीएमओ आरके नैय्यर आदि अधिकारी मौजूद रहे।

क्या दो एई मिलकर एक्सईएन हो जाते हैं?

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक से जेई के बाहर जाने के बाद पीडब्ल्यूडी के दो सहायक अभियंता मीटिग में पहुंचे। डीएम ने उनकी भी क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि क्या दो सहायक अभियंता एक्सईएन के बराबर होते हैं। एक्सईएन क्यों नहीं आ रहे। जल्दी बुलाइए उन्हें।

तैयारी पूरी है तो क्यों हो रहे हैं हादसे

डीएम ने कहा कि सभी लोग बता रहे हैं कि तैयारी पूरी है, सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी काम हो चुके हैं तो फिर हादसे क्यों हो रहे हैं? सड़क सुरक्षा के मामले में चूक हुई तो सब पर कार्रवाई होगी इसलिए समय से काम शुरू कर दीजिए।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version