अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
आम आदमी पार्टी मप्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आज 20 मार्च को आम आदमी पार्टी द्वारा विधानसभा स्तर पर प्रदर्शन कर एस डी एम कार्यालयों पर ज्ञापन दिया गया। इस प्रदर्शन में सरकार से मांग की गयी कि बिजली के दाम आधे किये जायें। आंकलित खपत के नाम पर की जा रही लूट बंद की जाये। निजि कंपनियों के साथ किये गए गैर कानूनी समझौते रद्द किये जायें।
बिजली आंदोलन के तहत प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल ने मुरैना व ग्वालियर में आंदोलन का नेतृत्व किया और कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जनता को आप दिल्ली सरकार द्वारा दी जा रही सस्ती बिजली की जानकारी भी दी गई। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली के 200 यूनिट के मात्र 462 रु लगते हैं और मध्य प्रदेश में 200 यूनिट के 1272 रु देने पड़ते हैं, जबकि दिल्ली सरकार मध्य प्रदेश से ही बिजली खरीद रही है। यह महंगी बिजली निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के कारण है। यह भाजपा सरकार की लूट की नीति के कारण है। मध्य प्रदेश में सरकार को दाम बढ़ाने की नहीं घटाने की जरुरत है।
- आम आदमी पार्टी के ज्ञापन में की गई मांगें
1. बिजली के बढ़ाने के स्थान पर प्रदेश सरकार बिजली के दाम 50% कम करे ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
2. आंकलित खपत के नाम पर की जा रही लूट बंद की जाए।
3. किसानों को प्रति दिन 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए।
4. किसानों को अस्थायी कनेक्शन प्रति माह के हिसाब से दिया जाए।
5. निजी विद्युत कंपनियों के साथ किए गए गैर कानूनी समझौते रद्द जाए ताकि 2000 करोड रु की बचत सालाना हो सके
6. उड़ीसा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान पर बकाया रु 1000 करोड़ वसूल किये जाए।
7. औद्योगिक उपभोक्ताओं को कम दरों पर बिजली उपलब्ध कराइ जाए ताकि औद्योगिक पलायन रोका जा सके।
बिजली आंदोलन के तहत आज पूरे प्रदेश में सभी जिलों की 214 विधानसभाओं पर प्रदर्शन किया गया। शेष विधानसभाओं में कल प्रदर्शन किया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि ‘बिजली आंदोलन’ के तहत 27 मार्च को आम आदमी पार्टी विधानसभा का घेराव करने वाली है।
