दुर्घटनाओं को दावत दे रहा फरधान रेलवे क्रॉसिंग। कीचड़ और धूल का पर्याय बना नेशनल हाईवे पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

दुर्घटनाओं को दावत दे रहा फरधान रेलवे क्रॉसिंग। कीचड़ और धूल का पर्याय बना नेशनल हाईवे पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग | New India Times

नेशनल हाईवे से ऊंचा किया गया रेलवे ट्रैक सात महीने से राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ है लेकिन जन प्रतिनिधियों से लेकर आला अधिकारियों तक की नजर इस पर नहीं पड़ रही है। जिले का मुख्य मार्ग होने के कारण हर समय यहां से उच्च अधिकारी और जन प्रतिनिधियों का आवागमन हुआ करता है। पीलीभीत बस्ती नेशनल हाईवे पर स्थित फरधान रेलवे क्रॉसिंग जिम्मेदारों की लापरवाही का शिकार है। जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह रेलवे क्रॉसिंग राहगीरों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। रेलवे ट्रैक की ऊंचाई नेशनल हाईवे की ऊंचाई से अधिक होने के कारण ठेकेदारों ने रैंप बनाने में मिट्टी का उपयोग किया है। थोड़ी सी बारिश होने पर मिट्टी में पानी भर कर कीचड़ बन जाता है और राहगीरों को परेशानी होती है।

दुर्घटनाओं को दावत दे रहा फरधान रेलवे क्रॉसिंग। कीचड़ और धूल का पर्याय बना नेशनल हाईवे पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग | New India Times

वहीं बारिश ना होने पर मिट्टी धूल बनकर उड़ती है जिससे एक बार रेलवे क्रॉसिंग पार करने में ही राहगीरों की दुर्दशा हो जाती है। रेलवे क्रॉसिंग के आसपास रहने वाले लोग तो 24 घंटे इस समस्या से जूझते रहते हैं। सात महीने से भी अधिक से रेलवे क्रॉसिंग को लापरवाही को ग्रहण लगा हुआ है। कई बार स्थानीय लोगों ने इसकी मरम्मत कराए जाने की मांग की है लेकिन नतीजा अभी तक ढाक के तीन पात ही रहा है। जब भी रेलवे क्रॉसिंग की धूल कम पड़ जाती है तो फिर मिट्टी डाल दी जाती है लगभग एक सप्ताह से रेलवे क्रॉसिंग पर मिट्टी डालने का काम चल रहा है।

इस संबंध में बात करने पर रेल विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद आरिफ खान रखा रटाया जवाब देते हुए कहते हैं कि शीघ्र ही समस्या का निराकरण करवा दिया जाएगा।

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