भिवंडी-निजामपुर मनपा में दवाइयों का घोटाला, उच्च स्तरीय जांच के बजाये मामूली जांच कर फिर से डॉ विधा शेट्टी को काम पर रखा | New India Times

शारिफ अंसारी, ब्यूरो चीफ, थाना (महाराष्ट्र) NIT:

भिवंडी-निजामपुर मनपा में दवाइयों का घोटाला, उच्च स्तरीय जांच के बजाये मामूली जांच कर फिर से डॉ विधा शेट्टी को काम पर रखा | New India Times

भिवंडी-निजामपुर मनपा में दवाइयों का घोटाला होने का खुलासा हुआ है, मगर घोटाले में शामिल मुख्य अधिकारी का उच्च स्तरीय जांच कर फौजदारी का मुकदमा दर्ज कराने के बजाए मामूली जांच कर फिर से उसी महिला अधिकारी को काम पर रखा गया है जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

भिवंडी निजामपुर मनपा को प्राप्त होने वाली दवाइयां सिविल अस्पताल, डी डी. ऑफिस, डीएच ऑफिस, क्षय रोग ऑफिस पुणे आदि कार्यालय में प्राप्त हुआ है। वर्ष 2015/16, 2016/17, 2017/ 18, 2018/ 19 में शासन की तरफ से मनपा में कोई दवाइयां प्राप्त नहीं हुआ है ऐसा डॉ विद्या शेट्टी ने पत्र में लिखित कहा है। 2 अक्टूबर 2018 को आईजीएम अस्पताल के बगल के स्टोर रूम में आग लगने के कारण उसमें की सभी 15 वैधकीय केंद्र की दवाइयों की रजिस्टर व वैधकीय सामग्री, प्लस पोलियो के कागजात जलकर खाक हो गई थीं। अग्निशमन विभाग के पंचनामा असिफ अंसारी फार्मासिस्ट के अनुसार शासन द्वारा दिए गए दवाइयों व वैधकीय सामग्री स्टोर रूम में ही रखा गया था। एक तरफ साल 20 /06 /2018 वैधकीय अधिकारी का कहना है कि सन 2015 से सन 2018/19 वर्ष में कोई भी दवाइयां प्राप्त नहीं हुआ है। इस आग की घटना में केवल अग्निशमन दल का पंचनामा है और डॉ विद्या शेट्टी की तरफ से संबंधित पुलिस थाने में जानबूझकर एफआईआर दर्ज करवाने की आशंका जताई जा रही है।

  • एनयूएचएम अंतर्गत मेंबर्स इन सिटी ट्रास्कफोर्स फ़ॉर अर्बन इम्यूनाइजेशन समिति महापौर की अध्यक्षता में गठित किया गया है। शासन की तरफ से डॉ विद्या शेट्टी की दिनांक 26 – 09 – 2018 के पत्रन्वये दोषारोप की जांच करने के लिए सचिव व विशेष जांच अधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग की नियुक्ति किया गया है। महापौर ने डॉ विद्या शेट्टी के दवाई घोटाला व आर्थिक व प्रसाकीय अनियमित के बारे में मनपा व शासन स्तर पर शिकायत किया है।
  • डॉ विद्या शेट्टी पर शासन ने आरोप किया है, उनकी जांच चल रही हैं। डॉ विद्या शेट्टी द्वारा राजकीय दबाव बनाया जा रहा है। जब तक जांच शुरू है तब तक उन्हें निलंबित कर फौजदारी मामला दर्ज करने की कारवाई आयुक्त करे। मगर उन्हें अभय देकर भ्रष्टाचार को अभय देने का काम मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हो रहा है।

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