तीसरे चरण में जलगांव के दो लोकसभा सीटों के लिए हुए मतदान में लगभग 52 प्रतिशत हुआ वोटिंग, भुसावल में प्राइवेट कार से बरामद की गयीं दो EVM मशीनें | New India Times

नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:तीसरे चरण में जलगांव के दो लोकसभा सीटों के लिए हुए मतदान में लगभग 52 प्रतिशत हुआ वोटिंग, भुसावल में प्राइवेट कार से बरामद की गयीं दो EVM मशीनें | New India Times

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए महाराष्ट्र में आज 23 अप्रैल को तीसरे चरण के लिए 14 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान आरंभ हुआ। जलगांव की 2 सीटों जलगांव और रावेर के लिए कडे सुरक्षा इंतजामात के बीच वोटिंग प्रक्रिया शुरु की गयी। इन दोनों सीटों पर लगभग 28 लाख वोटर्स हैं। दोपहर 3 बजे तक प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जलगांव सीटों के लिए 29.30 प्रतिशत मतदान हुआ। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रो के अनुसार जलगांव शहर में 22, ग्रामीण 34, अमलनेर 31, एरंडोल 34, पाचोरा 26, चालिसगांव 33 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं रावेर संसदीय सीट के लिए दोपहर 3 बजे तक वोट प्रतिशत 33.20 फीसदी आंका गया। विधानसभा क्षेत्र निहाय वोट शेयर के अनुसार चोपडा 34, रावेर 38, भुसावल 30, जामनेर 32, मुक्ताईनगर 26, मलकापुर 38 फीसदी मतदान हुआ। शाम 6 बजे तक इन आंकड़ों का गुना भाग का गणित अगर जुटा लिया जाए तो एक अनुमान तहत जलगांव सीट के लिए 52 और रावेर सीट के लिए 55 फीसदी वोटिंग हो सकता है। दोनो संसदीय सीटों पर कुल मिलाकर 52 फीसदी वोटिंग हो सकेगा। मतदान प्रक्रिया शांतीपुर्ण रहि है।

स्थानीय मिडीया द्वारा चलायी गयी खबरों के मुताबिक भुसावल में निजी कार से दो EVM मशीनें बरामद होने के कारण खलबली मच गयी। पुलिस ने संबंधित कार और मशीनों को कब्जे में ले लिया है।

रावेर के जामनेर में इंदिराबाई ललवाणी स्कूल में लगे पोलींग बुथ पर सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रल्हाद बोरसे के हाथों पर झुलकर 105 वर्ष की बुजुर्ग दादीमां श्री राधाबाई गुलाबसिंग परदेसी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जलसंपदा मंत्री श्री गिरीश महाजन ने मतदान केंद्र पहुंचकर परीवार के साथ वोट डाला। जलगांव और रावेर सीटों पर भाजपा और कांग्रेस गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। सुबह 8 से 11 बजे के बीच मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें दिखायी पडीं। संवाददाता द्वारा दोपहर 12 से 3 बजे तक बोदवड, मुक्ताईनगर, जामनेर तहसीलों के उन ग्रामीण बूथों का जायजा लिया गया जहाँ चिलचिलाती धूप के चलते काफी सन्नाटा था। शहरों मे भी लगभग यही स्थिति रही। मतदान को लेकर वोटर्स के बीच पनपी निराशा के कारण दोनों संसदीय सीटों पर बीते चुनाव की तुलना में 5 से 8 प्रतिशत तक वोट शेयर घटा है।

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