निर्वाचन आयोग ने राज्य शासन को जारी किये निर्देश, प्रदेश में मतदान एवं मतगणना दिवस होंगे "शुष्क दिवस" | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

निर्वाचन आयोग ने राज्य शासन को जारी किये निर्देश, प्रदेश में मतदान एवं मतगणना दिवस होंगे "शुष्क दिवस" | New India Times

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश कौल ने लोकसभा निर्वाचन-2019 के अंतर्गत मतदान एवं मतगणना दिवस को ‘शुष्क दिवस” घोषित करने के लिये वाणिज्यिक कर विभाग को निर्देश जारी किये हैं। श्री कौल ने कहा हैकि राज्य के संबंधित कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना में वर्णित मतदान समाप्त होने के नियत समय के साथ समाप्त 48 घंटे की अवधि को ‘शुष्क दिवस” घोषित किया जाये। इसी प्रकार, मतगणना दिवस को भी ‘शुष्क दिवस” घोषित किया जाये।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि मतदान क्षेत्र में मतदान समाप्ति के नियत समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान किसी होटल, आहार-गृह, मधुशाला अथवा किसी अन्य सार्वजनिक तथा निजी स्थान में कोई भी स्प्रिटयुक्त, किण्वित अथवा मादक लिकर या वैसी ही प्रकृति का अन्य पदार्थ न विक्रय किया जायेगा, न दिया जायेगा और न ही वितरित किया जायेगा। निर्देश का उल्लंघन करने पर संबंधित को 6 माह तक का कारावास या 2 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकेगा।

‘शुष्क दिवस” के आदेश के अनुसार उस दिनांक में किसी भी व्यक्ति को शराब बिक्री/सेवा की अनुमति नहीं होगी। मदिरा प्राप्त करने तथा प्रदाय करने के विभिन्न श्रेणी के लायसेंसधारी गैर-मालिकाना क्लब, होटल, रेस्टॉरेंट आदि को भी इस अवधि में शराब बिक्री/सेवा की अनुमति नहीं होगी। आयोग द्वारा इस अवधि के दौरान व्यक्तियों द्वारा शराब के भण्डारण में कटौती करने के निर्देश दिये गये हैं। आयोग ने लायसेंस परिसर में शराब के भण्डारण पर आबकारी कानून में उल्लेखित प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिये कहा है।

प्रदेश में मतदान 4 चरण में हो रहा है। प्रत्येक चरण में संबंधित संसदीय क्षेत्र के सीमावर्ती जिले/विधानसभा क्षेत्र/संबंधित सीमा क्षेत्र के लिये भी 3 किलोमीटर की दूरी तक ‘शुष्क दिवस” के प्रतिबंध लागू होंगे। आयोग ने निर्देश दिये हैं कि सीमावर्ती जिलों/विधानसभा क्षेत्रों और उनके आसपास के क्षेत्रों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित करने की कार्यवाही की जाये। साथ ही, सीमावर्ती राज्यों राजस्थान, उत्तरप्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उन क्षेत्रों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित करने की कार्यवाही की जाये।

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