निर्वाचन आयोग के उड़न दस्ते ने माण्डली के पास 1400 पेटी अवैध बियर भरी से ट्रक को पकड़ कर किया आबकारी विभाग के हवाले | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

निर्वाचन आयोग के उड़न दस्ते ने माण्डली के पास 1400 पेटी अवैध बियर भरी से ट्रक को पकड़ कर किया आबकारी विभाग के हवाले | New India Times

निर्वाचन आयोग के उडन दस्ते ने अवैध बियर से भरे एक ट्रक को पकड़ कर आबकारी विभाग को सौंपा और ट्रक का रुट परीवर्तन व परमिट की समय सीमा समाप्त होने के कारण आबकारी विभाग ने बियर सहित ट्रक को जब्त कर लिया है।

निर्वाचन आयोग के उड़न दस्ते ने माण्डली के पास 1400 पेटी अवैध बियर भरी से ट्रक को पकड़ कर किया आबकारी विभाग के हवाले | New India Times

झाबुआ जिले के मेघनगर में आचार संहिता के चलते शराब की धरपकड़ में ट्रक क्रमांक एम पी 09 एच.एफ. 5610 जिसमें की 1400 पेटी माउन्ट 6000 हजार ब्रांड की बीयर भरा था जिसे मेघनगर वाया नागनवट होते हुए मदरानी जाना था लेकिन ट्रक नागनवट से माण्डली की ओर गुजर रहा था तभी थांदला विधानसभा निर्वाचन प्रभारी नवल बडोले काकनवानी से मेघनगर की ओर आ रहे ट्रक को शंका के आधार पर उनकी टीम के द्वारा ट्रक को रुकवाया गया तो ड्राइवर द्वारा परमिट होने की बात कही। परमिट चेक करने पर परमिट में समय मंगलवार दोपहर 3:00 बजे से बुधवार सुबह 9:00 बजे तक का था एवं रास्ता इंदौर वाया धार नागनवट होते हुए मदरानी सरकारी विदेशी शराब दुकान पहुंचना था लेकिन सुबह 9:15 पर यह गाड़ी को परमिट से अलग रास्ते पर जाते हुए पकड़ा जिसके बाद आबकारी व्रत खंड मेघनगर को निर्वाचन प्रभारी बडोले द्वारा निर्वाचन प्रभारी उड़न दस्ते द्वारा ट्रक को मेघनगर आबकारी को सुपुर्द किया गया। जिस पर आबकारी विभाग ने इंदौर के परमिट जारीकर्ता अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा कर परमिट की सत्यता जानी लेकिन समय सीमा निकल जाने एवं रूट परिवर्तन के कारण गाड़ी को जप्त कर माल मेघनगर आबकारी गोडाउन में खाली कर जप्त किया गया।

आबकारी पुलिस की कार्यप्रणाली संदेहास्पद, मीडिया को नहीं दी दोपहर तक सही जानकारी

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शराब की ट्रक पकड़े जाने की सूचना जैसे ही मीडिया को लगी मीडिया ने मामले की सत्यता जानने के लिए आबकारी एवं पुलिस के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की लेकिन दोनों प्रशासन के नुमाइंदे पल्ला झाड़ते रहे और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए और कभी काकनवानी थाने तो कभी मेघनगर थाने पर शराब ट्रक ले जाने की बात कहते रहे। मीडिया ने अपने विश्वासनीय सूत्रों से पूरे मामले की तह तक पहुंच कर खबर को प्रकाशित कर रहै हैं लेकीन लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सही जानकारी न देने से पुलिस व आबकारी विभाग पर कई शंकाओं को जन्म दे रहा है। प्रतिदिन यही रास्तों से दिन के उजाले में और रात के अंधेरे में ट्रक, आईसर और ट्रेलो में भर कर लाखों की शराब गुजरात और राजस्थान पहुंचती है।

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