अशफाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:
राजस्थान में बसपा से चाहे कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में गठबंधन ना बैठ पाया हो लेकिन इसके विपरीत अगर दो विधायकों वाली बीटीपी व तीन विधायकों वाली रालोपा के अलावा दो विधायकों वाली माकपा से कांग्रेस का गठबंधन ना होने से कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राजस्थान के आदिवासी बेल्ट मेवाड़ में प्रभाव रखने वाली भारतीय ट्राईबल पार्टी ने उदयपुर, बांसवाड़ा व चित्तौड़गढ़ से चुनाव लड़ने का ऐहलान करके चुनाव प्रचार शूरु कर दिया है। इसी तरह माकपा ने भी बीकानेर, चूरु व सीकर से चुनाव लड़ने का ऐलान करके बीकानेर व सीकर से श्योपत मेघवाल व अमरा राम को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। माकपा के दो विधायक है। विधायक हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने पहले तो सभी पच्चीस सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। बीच में रालोपा व कांग्रेस गठबंधन की चर्चा चली और आज गठबंधन नहीं होना माना जा रहा है। रालोपा के तीन विधायक है।
राजस्थान में बसपा, रालोपा व बीटीपी के उम्मीदवारों की सूची आने का इतजार है जबकि माकपा ने दो उम्मीदवार घोषित कर दिये हैं। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि अगर उक्त दलों से कांग्रेस का गठबंधन होता तो कांग्रेस को काफी फायदा मिल सकता था लेकिन अब कांग्रेस के अड़ियलपन के कारण समझौता नहीं होने से कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
