हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:

सपा-बसपा गठबंधन में प्रत्याशियों को घोषित किए जाने को लेकर पार्टी नेताओं में आक्रोश सामने आने लगा है। बृहस्पतिवार को सीतापुर में सपा-बसपा कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक में गठबंधन के संभावित प्रत्याशी नकुल दुबे के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन कक्ष में ही नकुल दुबे वापस जाओ, बाहरी प्रत्याशी नहीं चलेगा जैसे स्लोगन लिखे हुए पोस्टर लेकर विरोध करने लगे। कार्यकर्ताओं में विरोध इस कदर बढ़ गया कि हाथापाई पर उतारू हो गए। वहीं कुछ कार्यकर्ताओं में हाथापाई भी हो गई। यहां तक की कुर्सी से एक दूसरे पर हमला होने लगा। कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को गेस्ट हाउस के बाहर निकाल पाए, उधर प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के बाद सम्मेलन का दौर शुरू हो गया।
जहां एक तरफ लोकसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं वहीं गठबंधन प्रत्याशी नकुल दुबे को लेकर कार्यकर्ताओं ने रोष व्यक्त किया गया। मुस्कान गेस्ट हाउस में जमकर हंगामा हुआ और पैराशूट प्रत्याशी वापस जाओ वापस जाओ के नारे लगे। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं के बीच आपस में कुर्सियां चल गईं। बसपा नेताओं का कहना है कि हम बाहरी उम्मीदवार स्वीकार नहीं करेंगे, हमें सीतापुर का ही उम्मीदवार चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हम पैराशूट उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे और अगर चुनाव लड़ा तो जमानत जब्त कराकर वापस भेज देंगे।
आपको बता दें कि सपा-बसपा गठबंधन में सीतापुर लोकसभा सीट बसपा के हिस्से में आई है। जिसका प्रभारी नकुल दुबे को बनाया है। हालांकि, उनके प्रत्याशी बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
इस दौरान मंच पर बसपा जिला अध्यक्ष राममूर्ति मधुकर, सपा जिला अध्यक्ष छत्रपाल यादव, सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता व राधे श्याम जायसवाल, बसपा उम्मीदवार पूर्व मंत्री नकुल दुबे और भारी संख्या में सपा-बसपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
