कासिम खलील, ब्यूरो चीफ, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT:

बुलढाणा तहसील अंतर्गत सैलानी में 25 मार्च की शाम संदल निकाला गया, संदल सैलानी बाबा की दरगाह पर पहुंचने के बाद मध्यरात को मजार-ए-शरिफ पर चादर चढाई गई। इस समय हजारों अकीदतमंदों ने दरगाह में मात्था टेका।
हाजी अब्दूल रहेमान उर्फ सैलानी बाबा का वार्षिक उर्स हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतिक है। प्रतिवर्ष यहां होने वाले उर्स समारोह में देश भर से लाखों आकिदतमंद अपनी हाजरी लगाते हैं।
पिंपलगांव सराए स्थित मुजावर परिवार के मकान से होलीका दहन के पांचवे दिन संदल निकाला जाता है। इस साल संदल के समय रफीक मुजावर, हाजी हाशम मुजावर, नजीर मुजावर, पं.स. सदस्य शेख चांद मुजावर, उपसरपंच शेख जहिर मुजावर सहित मुजावर परिवार के अन्य सदस्यों की मौजुदगी में रात 9 बजे संदल का आरंभ हुआ। संदल पिंपलगांव सराए से गश्त करता हुआ अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचा। गांव के निवासियों ने अपने घरों के सामने संदल के स्वागत के लिए रंगोली बना रखी थी। लोग संदल का दर्शन पूरी श्रध्दा से करते नजर आए। संदल गांव से बाहर निकलने के बाद खेत – जंगल के रास्ते आगे गुजरने लगा। इस वक्त सैलानी बाबा संदल के दर्शन लेने के लिए लाखों भाविक कतार में खडे हुए थे। हर साल की तरह इस साल भी सजी सजाई ऊंटनी पर यह संदल रखकर शोभा यात्रा ढोल ताशों की गुंज से दरगाह की ओर बढती रही। संदल में आए हुए भाविकों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए लाईट एवं जनरेटर की व्यवस्था की गई थी। कड़े पुलिस बंदोबस्त के साथ रात 12.30 बजे के करीब संदल दरगाह पर पहुंचा। दरगाह परिक्षेत्र में हजारों भाविक संदल को देखते ही ‘हक सैलानी – या सैलानी’ के नारे लगाने लगे, तत्पश्चात ऊंटनी पर से अजमेर से लायी हुई श्रध्दा की चादर (गले) एवं संदल का कटोरा लेकर मुजावर परिवार के सदस्य दरगाह में दाखिल हुए जहां मजार -ए-शरीफ संदल लगाने के बाद चादर चढाई गई।

672 पुलिस अधिकारियों /कर्मचारियों की थी तैनाती
सैलानी बाबा की यात्रा में होली व संदल यह दो ही कार्यक्रम महत्वपुर्ण समझे जाते हैं। होली उत्सव के बाद 25 मार्च की रात निकाले गए संदल में हजारों भाविकों ने मजाए-ए-शरिफ पर मात्था टेका। इस दौरान भाविकों की भीड अधिक होने के कारण कडा पुलिस बंदोबस्त किया गया था, जिसके लिए 60 पुलिस अधिकारी, 600 पुलिस कर्मचारी व 12 कमांडोज का समावेश था। रात देर तक पुलिस अधीक्षक डॉ. दिलीप पाटिल भुजबल, अपर पुलिस अधीक्षक संदीप डोईफोडे, पुलिस उपविभागीय अधिकारी रामेश्वर वैंजने, रायपुरचे थानेदार प्रशांत सपकाले आदि उपस्थित थे।
दरगाह के पास सफाई का आभाव
सैलानी बाबा के उर्स के दौरान दरगाह पर लाखों की संख्या में भाविक पहुंचते हैं जिस से उर्स के समय दरगाह क्षेत्र में काफी गंदगी हो जाती है। इस गंदगी के कारण भाविकों को आवाजाही में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सैलानी ट्रस्ट द्वारा स्वच्छता और भीड़ को काबू में करने के लिए स्वयंसेवक लगाए जाते हैं किंतु इन स्वयंसेवकों पर ट्रस्ट का कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण परिक्षेत्र में गंदगी ही गंदगी फैली होने से भक्तजनों में ट्रस्ट के प्रति नाराजगी साफ झलकती है।
इस साल संदल को हुई देरी
सैलानी बाबा का संदल ग्राम पिंपलगांव सराय से रात 8 बजे के बाद निकल कर गांव में गश्त करता हुआ खेत-खलियानो के रास्तों से दरगाह शरीफ पर पहुंचता है. पिछले अनेक वर्षों से संदल रात 12 बजे के पहले दरगाह पर पहुंच जाता था किंतु इस साल संदल करीब 12:30 बजे दरगाह पर पहुंचा था।
मुजावरों ने प्रशासन का माना आभार
हाजी हजरत अब्दुल रहमान उर्फ सैलानी बाबा का उर्स होलिका दहन से आरंभ होता है। होली के पांचवे दिन सैलानी बाबा का संदल निकलता है। इस उर्स के दौरान देश भर से लाखों की संख्या में अकीदतमंद व सैलानी पहुंचते हैं। इतनी बडी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा अन्य प्रशासनिक विभाग भी अपनी सेवा प्रदान करते हैं। इस साल पुलिस प्रशासन का कड़ा बंदोबस्त होने के कारण कोई बड़ी अनुचित घटना नहीं घटी जिसे मद्देनजर रखते हुए दरगाह पर संदल चढ़ाए जाने के बाद मुजावर परिवार के मुख्य सदस्य शेख हाशम मुजावर ने पुलिस एवं अन्य प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए रायपुर के थानेदार सपकाले को चादर (गलेफ) देकर स्वागत किया। इस समय पंचायत समिति सदस्य शेख चांद मुजावर, शेख नज़ीर मुजावर, उपसरपंच शेख जहीर मुजावर सहित अन्य मुजावर परिवार के सदस्य गण मौजूद थे।
