रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के मेघनगर में अभी गर्मी ने दस्तक देना शुरू ही किया है फिर भी मेघनगर के बस स्टैंड पर यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। गर्मी के प्रारंभ की यह स्थिति है तो आने वाली भीषण गर्मी में क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वैसे तो नगर के बस स्टैंड पर सार्वजनिक तीन से चार ट्यूबेल खुदे हुए हैं लेकिन उन ट्यूबवेलों पर होटल वाले और दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। एक ट्यूबेल पर हैंड पंप नहीं होने से उसमें धूल मिट्टी अटा पड़ा है। आस पास के दुकानदारों का कहना है कि दूर-दराज से आए हुए यात्री प्रतिदिन पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं और परेशान हो रहे हैं।

लोगों ने बताया कि मेघनगर बस स्टैंड की पेयजल समस्या को लेकर मुख्य नगर परिषद अधिकारी तोशनीवाल से जब संपर्क कर अपनी परेशानियों का जिक्र करते हैं तो वो बजाये संतुष्ट करने के बेतुके जवाब देकर नागरिकों को असंतुष्ट कर देते हैं। नगर के बस स्टैंड की जल समस्या की ओर मुख्य नगर परिषद अधिकारी का ध्यान आकर्षित कराया तो उनका जवाब था कि दिखवाते हैं। मूल रूप से यात्रियों व नागरिकों में इस बात की दहशत है कि वर्तमान हालत यह है तो आने वाले दिनों में स्थिति कितनी भयावह होगी? नगर के बस स्टैंड पर बेतरतीब टू व्हीलर फोर व्हीलर वाहन खड़े कर देने से बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और आए दिन दुकानदारों और वाहन चालकों के बिच विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। क्या यातायात पुलिस इस और ध्यान देगी या फिर इसी तरह चलता रहेगा?
