जय किसान ऋण माफी योजना घोटाल: प्रशासन की सम्पूर्ण प्रक्रिया पर उठाए गए कई सवाल, प्रशासन व पुलिस विभाग को सौंपा गये सम्पूर्ण दस्तावेज | New India Times

अविनाश द्विवेदी, ब्यूरो चीफ, भिंड (मप्र), NIT:

जय किसान ऋण माफी योजना घोटाल: प्रशासन की सम्पूर्ण प्रक्रिया पर उठाए गए कई सवाल, प्रशासन व पुलिस विभाग को सौंपा गये सम्पूर्ण दस्तावेज | New India Times

जय किसान ऋण माफी योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग आज पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश दुबे ने सैकड़ों किसानों के साथ कलेक्टर छोटे सिंह से की।

रमेश दुबे ने किसानों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए जिला कलेक्टर से कहा कि जिन किसानों पर एक विश्वा भी जमीन नहीं है जिनकी कई वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है तथा जो लोग उस गांव में निवासी नहीं करते व एक ही व्यक्ति पर 5 बार ऋण निकालने की कार्रवाई गिजुर्रा सोसायटी के द्वारा की गई है ऐसे लोगों को तुरंत न्याय दिलाया जाए। रमेश दुबे ने कहा कि उन लोगों के नाम ऋण कैसे निकाला गया व उनके नाम ऋण माफी योजना में कैसे आए यह एक जांच का विषय है दुबे ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक एफ आई आर दर्ज क्यों नहीं की गई यह भी एक चिंता का विषय है रमेश दुबे ने कहा कि प्रदेश की सरकार ने किसानों का दर्द कम करने के लिए जय किसान ऋण माफी योजना जैसी महत्वपूर्ण थी योजना बनाई थी इसका सही क्रियान्वयन करने की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है रमेश दुबे ने कहा कि पुलिस द्वारा मांगे गए 10 बिंदुओं की जांच प्रतिवेदन को जिला प्रशासन द्वारा अभी तक क्यों नहीं सौंपा गया एक जांच का विषय है किसानों के साथ हुए भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एवं दोषियों को माफ नहीं किया जाएगा कलेक्टर से चर्चा करते हुए रमेश दुबे ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा है और सहकारिता मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने लिखित में कलेक्टर को निर्देशित किया है कि दस्तावेजों की जांच कर तुरंत कार्रवाई की जाए लेकिन यह भी एक महज औपचारिकता रही दोषियों के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई जो कि शंका पैदा करती है जिला कलेक्टर के द्वारा पुलिस अधीक्षक को लिखे गए प्रतिवेदन में सीधे एफ आई आर दर्ज करने का आदेश दिया किंतु किसी भी प्रकार के कूट रचित दस्तावेज जांच कमेटी द्वारा पुलिस को नहीं सौंपा गया जिस वजह से दोषियों पर एफआईआर नहीं हो पा रही है रमेश दुबे ने कलेक्टर छोटे सिंह से कहा कि अनियमितताओं के संबंध में 6 सदस्य कमेटी गठित की गई थी लेकिन आज तक उस कमेटी ने ऐसे प्रमाणिक दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध क्यों नहीं कराए यह भी एक जांच का विषय है दुबे ने मांग की कि तुरंत एफ आई आर दर्ज कराने के लिए पुलिस विभाग को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराई जाए एवं संबंधित सोसायटी को तुरंत सील किया जाए जिला कलेक्टर ने एसडीएम मेहगाओं को दोषी सहकारी संस्थाओं को सील करने के निर्देश दिए और सहकारिता अधिकारियों से दोषियों पर कार्रवाई करने के बारे में विस्तृत जानकारी ली दुबे ने कहा कि 2 दिन के अंदर सारे साक्षात कमेटी द्वारा पुलिस को सौंपी जाए ताकि दंडात्मक कार्रवाई हो सके जय किसान ऋणमाफी योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएदोषियों के विरुद्ध तत्काल fir दर्ज कराई जाए ।
दुबे ने कहा कि अगर प्रशासन ने कोई लापरवाही बरती तो यह मामला मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव श्री ज्योतिराज सिंधिया के संज्ञान में लाया जाएगा इस अवसर पर रामदास सोनी एडवोकेट राजीव दीक्षित, राधा मोहन चौबे,राहुल भारद्वाज,उदयवीर सिंह,अजीत सिंह सहित लाड़मपुरा रेंका, गिजुर्रा,जोधापुरा, जीसकपुरा, अतरसुमा गांव के तकरीबन एक सैकड़ा किसान के साथ मौजूद थे।

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