गुलज़ार अहमद, ब्यूरो चीफ, मैनपुरी (यूपी), NIT:

ठसमाजवादी पार्टी की ओर से जारी की गई लोकसभा प्रत्याशियों की सूची के बाद मुलायम सिंह के गढ़ मैनपुरी में ही मुलायम सिंह यादव का ही विरोध होना शुरू हो गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मैनपुरी से मौजूदा सांसद एवं मुलायम सिंह यादव के नाती तेजप्रताप यादव का टिकिट काटकर सपा सुप्रीमो एवं सपा पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव को दिए जाने का विरोध करते हुए प्रोफेसर रामगोपाल यादव का पुतला फूंक दिया जिसके बाद प्रोफेसर रामगोपाल के इशारे पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने जिला मैनपुरी की समाजवादी पार्टी की कार्यकारिणी ही भंग कर डाली। इस घटनाक्रम के बाद मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

आपको बताते चलें कि लोकसभा चुनाव-2019 के महासंग्राम को लेकर समाजवादी पार्टी में ही संग्राम शुरू हो गया है और यह कोई नई बात नहीं है, सपा में चुनाव के समय अक्सर ऐसा ही होता है। पहले तो मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव ने सपा से अलग होकर अपनी नई पार्टी बना ली। उसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने लोकसभा चुनाव को लेकर लोकसभा मैनपुरी से वर्तमान सांसद तेजप्रताप यादव की टिकट काटकर मुलायम सिंह यादव को दे दी, बस फिर क्या था सपा में तेजप्रताप की टिकट कटते ही उनके समर्थकों ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंक डाला। जिसके बाद गुस्साये प्रोफेसर रामगोपाल यादव के इशारे पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने जिला मैनपुरी की समाजवादी की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। जिसके चलते मैनपुरी लोकसभा सीट को लेकर सपा के खेमे में भूचाल आ गया है। वहीं वर्तमान सांसद तेजप्रताप यादव अपना टिकिट काटकर सपा सुप्रीमो को टिकिट दिए जाने पर उनका कहना है कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा उन्हें मंजूर है। खैर जो भी हो सपा में अंदरूनी कलह सामने आना शुरू हो गयी है।
