रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

भ्रष्टाचार वैसे तो पुरे भारत की जड़ें खोखली कर रहा है और सरकारी स्तर पर इसे रोकना भी मुमकिन नहीं है। चाहे कई अन्ना हजारे पैदा हो जाए फिर भी भ्रष्टाचार को रोकना संभव नहीं है। कुछ इसी प्रकार के भ्रष्टाचार का खेल शिक्षा के मंदिरों के पुजारी बनाम जन शिक्षक मेघनगर विकासखंड में कर रहे हैं। इन जन शिक्षकों की मनमानी से जहां शिक्षक परेशान हो रहे हैं वहीं शिक्षा का स्तर भी गिरता जा रहा है। बताते हैं कि यह जन शिक्षक अपने कार्य क्षेत्र की प्राथमिक शालाओं में शौचालय निर्माण कर रहे व कर चुके पालक शिक्षक संघ के सचिवों पर दबाव बनाकर हजारों में राशि अवैध रूप से वसूल कर रहे हैं और अपने आप को असहाय भी महसूस कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी से भटके यह शिक्षक निजी कंपनी के उम्दा सदस्य भी हैं एवं अपने प्रभाव से शिक्षकों पर दबाव बनाकर निजी कंपनी का हित साध कर खुद मालामाल हो रहे हैं। इन जन शिक्षकों में मेघनगर विकासखंड में अंतिम छोर पर बसे ग्रामों में शौचालय निर्माण में भारी पैमाने पर घपले किये जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
