नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बामसेफ़ की ओर से जामनेर में संविधान बचाओ संघर्ष समिती के तत्वावधान में राष्ट्रव्यापी भारत बंद के आवाह्न हेतु विशाल रैली का आयोजन किया गया। बामसेफ़ द्वारा पांच चरणों में किए गए आंदोलन का भारत बंद यह आखरी चरण था। ब्राह्मण तथा ऊंची जातियों का प्रशासन में अतिरीक्त प्रतिनीधित्व, आरक्षण को केवल गरीबी उन्मूलन का प्रोग्राम न बनाकर सामाजिक प्रतिनीधित्व की संवैधानिक व्याख्या में रेखांकित करना, आरक्षण का शतप्रतिशत अमल क्यों नहीं कराया गया? ओबीसी पर क्रिमीलेयर थोपकर उनका विश्वास घात किया गया। निजीकरण द्वारा सरकारी सेवाओं में आरक्षण खत्म करने कि रची गयी साजीश, निजीकरण में आरक्षण की आवश्यकता, 100/ फीसदी आरक्षण लागु कराना, सभी भारतीयों की जाति आधारीत जनगणना कराई जाए, मनुवादियों द्वारा संविधान पर किए जा रहे कुठाराघात का विरोध, EVM को लेकर चुनाव आयोग द्वारा शीर्ष अदालत के आदेश की की जा रही अवमानना आदि मुद्दों को लेकर समीति ने आज पूरे भारत के 31 राज्यों में 550 जिलों के 5000 तहसीलों और 50 हजार ब्लाक में बंद का आयोजन किया था।
आंदोलन में राजू खरे की अगुवाई में बामसेफ़ के सैकडों पदाधिकारियों समेत महिलाओं ने बढ चढ़कर हिस्सा लिया।
