अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
आम आदमी पार्टी मप्र द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आज नियामक आयोग की जन सुनवाई में आम आदमी पार्टी प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल द्वारा जनता का पक्ष रखा गया। इस दौरान जन सुनवाई के बाहर प्रशासनिक अकादमी के गेट पर भी सैकड़ों आप कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में प्रस्तावित बिजली वृद्धि के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और यह मांग की गई सभी आपत्तिकर्ता को भीतर जाने दिया जाए।
जन सुनवाई में प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल ने महंगी बिजली के लिए शिवराज सरकार के भ्रष्टाचार और कुप्रबन्धन को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि 11 प्रतिशत बिजली की बढ़ोतरी की जगह बिजली दर कम करने की जरूरत है।
अपनी आपत्तियों को उन्होंने क्रमवार रखते हुए शिवराज सरकार के भ्रष्टाचार को भी उजागर किया। उन्होंने बिजली दर कम करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि :-
1. मध्य प्रदेश में 200 यूनिट के 1272 रु लगते हैं वही दिल्ली की आप सरकार में मात्र 462 रु लगते हैं। वहीं 400 यूनिट के लिए मप्र में 3200 रु देने पड़ते है और दिल्ली में मात्र 1300 रु। दिल्ली की औसत आय मध्य प्रदेश से 3 गुना है ऐसे में मध्य प्रदेश के बिजली दाम दिल्ली से कम होना चाहिए।
2. मध्य प्रदेश में बिजली उत्पादन की कुल 17500 मेंगा वाट की क्षमता है, जबकि अधिकतम मांग 11142 मेगा वाट ही है, ऐसे में अतरिक्त बिजली को सरेंडर कर काफी घाटा कम किया जा सकता है।
3. पिछले कुछ सालों से सस्ती बिजली पैदा करने वाले सरकारी पावर प्लांट बंद कर शिवराज सरकार निजी कंपनियों से महंगी बिजली खरीद रही है। शिवराज सरकार ने कई निजी कंपनियों से गैर कानूनी रूप से 25 साल के अनुबंधन कर रखे हैं। जिसके कारण लगभग 1700 करोड़ का नुकसान सालाना हो रहा है। इन सभी अनुबंधन को तत्काल रदद् किया जाना चाहिए। यह अनुबंध रद्द होने से सरकारी पावर प्लांट से सस्ती बिजली जनता को उपलब्ध होगी।
4. मध्य प्रदेश सरकार ने लेंको पावर को पहले ब्लैक लिस्ट कर दिया था और फिर भी पिछले 3 साल से लेंको पावर से बिजली बिना तय टैरिफ के ख़रीदी जा रही है, जिसके कारण लगभग 300 करोड रु का नुकसान हर वर्ष हो रहा है।
5. NTPC से मध्य प्रदेश बिजली खरीदता है। जब हमारे पास पहले ही अतरिक्त बिजली है तो हमे NTPC की अतिरिक्त बिजली समर्पित कर देना चाहिए, जिससे 1900 करोड़ की बचत होगी।
6.औद्योगिक उपभोक्ता की मांग 2016- 17 में 750 करोड थी जो घटकर 2017-18 में 665 करोड यूनिट हो गई है। इसका कारण अत्यधिक महँगी बिजली है (7.5 रु प्रति यूनिट). हम दूसरे राज्यो को 2.43 प्रति यूनिट की दर से बिजली बेचने की जगह यही बिजली दर कम करेगे तो औद्योगिक उपभोक्ता प्रोत्साहित होगा और सरप्लस बिजली भी उचित दाम में इस्तेमाल होगी।
7. उन्होंने यह भी कहा कि प्रावधानों के अनुसार निजी विद्युत कंपनियों से ख़रीदी जा रही बिजली की कीमत वेबसाइट पर प्रदर्शित नही की जा रही है, जो सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।
आलोक अग्रवाल ने मांग कि प्रदेश में बिजली दर आधी की जाए और यह मांग न माने जाने पर आम आदमी पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी पुरे प्रदेश में बिजली आंदोलन चला रही है। इसी मुद्दे पर आगामी 27 दिसम्बर को विधानसभा घेराव करने की तैयारी कर रही है।
